कृषि बिल: समर्थन और विरोध के बीच MSP की गारंटी वाला एक और विधेयक लाने की मांग उठी

कृषि विधेयकों के विरोध में उतरे विपक्ष ने की मांग कि सरकार एक और अध्यादेश लाए, जिसमें MSP की गारंटी हो.
कृषि विधेयकों के विरोध में उतरे विपक्ष ने की मांग कि सरकार एक और अध्यादेश लाए, जिसमें MSP की गारंटी हो.

भिवानी में पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि केन्द्र एक और अध्यादेश लाए, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी हो. ताकि कोई भी कंपनी एमएसपी से कम पर खरीद न कर सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 4:59 PM IST
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भिवानी. कृषि से जुड़े दो विधेयक राज्यसभा (Rajyasabha) में पास हो गए. पर किसान, आढ़ती व विपक्षी शुरू से इनका विरोध कर रहे हैं. एक तरफ जहां केन्द्र सरकार (central government) इन विधेयकों (Bills) को किसानों (Farmers) के हक में बताते नहीं थक रही, वहीं किसान, आढ़ती व विपक्षी इन्हें काला कानून बता रहे हैं. इन विधेयकों के विरोध में किसान और विपक्ष सड़कों पर उतर कर विरोध जता रहे हैं. इसी के तहत सोमवार को भी कांग्रेस (Congress) ने हल्ला बोल प्रदर्शन किया और जिलास्तर पर डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति (President) के नाम ज्ञापन सौंपकर इन्हें रद्द करने की मांग की.

भिवानी में पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान ने बताया कि ये विधेयक किसान व आढ़तियों के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इन्हें सही मानती है तो एक और अध्यादेश लाए, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी हो. ताकि कोई भी कंपनी एमएसपी से कम पर खरीद न कर सके और करे तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो. साथ ही उन्होंने पूरे प्रदेश में बर्बाद हो रही कपास की फसल की तुरंत गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की. वहीं पूर्व संसदीय सचिव रामकिशन फौजी ने भी इन विधेयकों को गलत बताया और रद्द करने की मांग के साथ उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से अकाली दल की मंत्री की तर्ज पर प्रदेश सरकार से किसानों के हित में अपना समर्थन वापस लेने की मांग की.

दुष्यंत चौटाला ने विधेयक की तरफदारी में कही थीं ये बातें



गौरतलब है कि इस मुद्दे पर कल ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Deputy CM Dushyant Chautala) ने कहा था कि केंद्र सरकार के कृषि संबंधित नए विधेयकों में कहीं भी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त करने की बात नहीं कही गई है. किसानों की फसल अनाज मंडियों में बिना किसी रुकावट के निर्धारित एमएसपी पर ही खरीदी जाएंगी. ज्यादा कीमत का अवसर मिलने पर किसान चाहेंगे तो ओपन मार्केट में भी अपनी फसल बेच सकेंगे. जिस दिन अन्नदाताओं को उनकी फसल का एमएसपी देने की व्यवस्था पर कोई आंच आएगी, उसी दिन मैं अपना पद छोड़ दूंगा. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में ये बातें कहीं. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी का अधिकार बरकरार रहेगा और इस विषय पर आमलोग किसी के बहकावे में न आएं.
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