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Tikri Border Gangrape Case: SIT की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी अनिल मलिक गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Tikri Border Gangrape Case: किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) के दौरान पश्चिम बंगाल की युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी अनिल मलिक गिरफ्तार. दो अन्य आरोपी अनूप चनौत और अंकुर सांगवान अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं.

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बहादुरगढ़. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के दौरान पश्चिम बंगाल की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. एसआईटी ने मुख्य आरोपी अनिल मलिक (Anil Malik) को भिवानी से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. अनिल मलिक पर पुलिस ने इनाम घोषित किया था. दो अन्य आरोपी अनूप चनौत और अंकुर सांगवान अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है. युवती से दुष्कर्म मामले में 20 से ज्यादा किसान और किसान नेताओं से पुलिस ने पूछताछ की है. मालूम हो कि युवती किसान आंदोलन में भाग लेने पश्चिम बंगाल  से आई थी. दुष्कर्म के बाद कोरोना संक्रमण की वजह से उसकी मौत हो गई थी. पीड़िता के पिता ने दो महिलाओं समेत 6 लोगों पर मामला दर्ज करवाया था. मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित की गई थी.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने के लिए गए आप नेता और दो युवतियों के संग एक पश्चिम बंगाल की 24 वर्षीय युवती भी टिकरी बॉर्डर पर पहुंची थी. ट्रेन से वापस लौटते वक्‍त ही उससे छेड़छाड़ हो गई. मगर वह चुप रही. मगर टिकरी बॉर्डर पर रहने के दौरान युवती ने एक वीडियो अपने पिता को भेजा और उसमें कहा कि उसके साथ गलत काम हुआ है. इसके बाद युवती को रक्‍तस्राव भी हो गया. मगर इसे माहवारी मान लिया गया.

योगेंद्र यादव से पूछताछ

किसान आंदोलन में टिकरी बॉर्डर पर आई पश्चिम बंगाल की महिला के साथ रेप के मामले में पुलिस ने किसान नेता योगेंद्र यादव से पूछताछ की. पुलिस ने नोटिस देकर किसान नेता योगेंद्र यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था. योगेंद्र यादव ने कहा कि संयुक्त मोर्चा जांच में पूरा सहयोग करेगा. महिला के साथ बदसलूकी आंदोलन बर्दाश्त नहीं करेगा. संयुक्त मोर्चा जांच के लिए आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति से सहयोग करवाने को तैयार है. यादव ने कहा उन्हें छेड़खानी की जानकारी थी लेकिन पहले पीड़िता का उपचार प्राथमिकता था.

योगेंद्र यादव ने कहा कि युवती के साथ छेड़खानी से कुछ ज्यादा हुआ, इसका खुलासा तो 2 मई को हुआ है. यादव ने कहा कि पीड़िता के पिता ने दो लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन 6 पर एफआईआर हुई थी इसीलिये सवाल उठाया था. यादव ने कहा कि किसान आन्दोलन को बदनाम करने की कोशिश पहले भी हुई, लोग इस घटना का भी इस्तेमाल करेंगे. लेकिन संयुक्त मोर्चा और आंदोलन सच के साथ है और दोषियों को सजा मिलनी चहिए.