Gurugram: कृषि विधेयकों पर मचे बवाल को लेकर जेपी दलाल ने कहा-'लाशों की राजनीति न करे कांग्रेस'

जेपी दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्रियों की कमेटी ने की थी इन विधेयकों के मसौदे की सिफारिश थी. भूपेन्द्र हुड्डा भी थे कमेटी में शामिल. लेकिन कांग्रेस सोचती रह गई, उसमें लागू करने की इच्छाशक्ति की कमी थी.
जेपी दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्रियों की कमेटी ने की थी इन विधेयकों के मसौदे की सिफारिश थी. भूपेन्द्र हुड्डा भी थे कमेटी में शामिल. लेकिन कांग्रेस सोचती रह गई, उसमें लागू करने की इच्छाशक्ति की कमी थी.

हरियाणा (Haryana) के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने रविवार को कहा कि कांग्रेस व पूंजीपति नहीं चाहते कि किसान समृद्ध हों और उनके बच्चे कामयाब हों. दलाल ने कहा कि ऐसा हुआ तो विपक्ष की राजनीति खत्म हो जाएगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 9:29 PM IST
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गुरुग्राम. कृषि से जुड़े दो विधेयकों के (Agricultural bills) राज्यसभा (Rajyasabha) से पास होने के बाद मचे सियासी घमासान पर हरियाणा (Haryana) के कृषि मंत्री जेपी दलाल (Agriculture Minister JP Dalal) ने भिवानी (Bhiwani) में कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लाशों की राजनीति न करे. उन्होंने रविवार को कहा कि कांग्रेस व पूंजीपति नहीं चाहते कि किसान समृद्ध हों और उनके बच्चे कामयाब हों. दलाल ने कहा कि ऐसा हुआ तो विपक्ष की राजनीति खत्म हो जाएगी. उन्होंने ये बातें अपने आवास पर लगाए जनता दरबार के दौरान कहीं. इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए.

कांग्रेस में इच्छाशक्ति नहीं थी

जेपी दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्रियों की कमेटी ने की थी इन विधेयकों के मसौदे की सिफारिश थी. भूपेन्द्र हुड्डा भी थे कमेटी में शामिल. लेकिन कांग्रेस सोचती रह गई, उसमें लागू करने की इच्छाशक्ति की कमी थी. विधेयकों को सभी पार्टियां लागू करना चाहती थीं. अब एनडीए सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम उठाया तो कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दल सकते में आ गए. गौरतलब है कि राज्यसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी है.



क्रांतिकारी बदलाव को समझने में लगता है वक्त
जेपी दलाल ने कहा, व्यवस्था परिवर्तन के लिए जब कोई भी क्रांतिकारी बदलाव लाया जाता है, तो लोगों को समझने में देर लगती ही है. कृषि विधेयकों के मामले में भी ऐसा ही हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि विधेयकों से किसानों की जिंदगी बदलने वाली है. उन्हें बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी. कृषि मंत्री ने कहा कि संयुक्त पंजाब के समय दीनबंधु सर छोटू राम ने किसानों की भलाई के लिए जो कदम उठाए थे, ये कृषि विधेयक उससे भी ज्यादा किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे. उन्होंने कहा कि आज किसान संगठनों ने सड़क जाम करने के ऐलान का समर्थन नहीं किया, केवल कुछ कांग्रेस समर्थित संगठनों ने ही इसमें भाग लिया.

अपने हितैषी को पहचानता है किसान

देश का किसान सब देख रहा है और यह भलीभांति समझता है कि कौन किसान हितैषी है और कौन नहीं. आज किसान हितैषी होने का स्वांग रचने वाली कांग्रेस ने हमेशा बिचौलियों का साथ दिया और यह बिचौलियों की ही पार्टी बन कर रह गई. पूंजीपति किसान का शोषण करता था, इन विधेयकों से किसानों को उस शोषण से मुक्ति मिलेगी. विधेयक लागू होने के बाद किसान की किस्मत बदलने वाली है. एक गांधी परिवार की भक्ति करने वाली कांग्रेस पार्टी कभी भी किसानों का भला नहीं कर सकती. कांग्रेस राज में किसानों की जमीन हड़प कर वाड्रा को देने की बात को हरियाणा का स्वाभिमानी किसान कभी भी सहन नहीं करेगा. दलाल ने आरोप लगाया कि पत्थरबाजी और गोलीबारी करके कांग्रेस लाशों की राजनीति करना चाहती है.
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