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HBSE Board 12th result: राजमिस्त्री के बेटे दीपक ने किया टॉप, मां की आंखों से छलक आए खुशी के आंसू

Jagbir Ghangas | News18 Haryana
Updated: May 15, 2019, 6:28 PM IST
HBSE Board 12th result: राजमिस्त्री के बेटे दीपक ने किया टॉप, मां की आंखों से छलक आए खुशी के आंसू
टॉपर दीपक

गांव पुर निवासी छात्र दीपक कस्बा बवानीखेड़ा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12वीं कक्षा का छात्र रहा है. दीपक ने विज्ञान संकाय से 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में उसने 500 में से 497 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त किया है.

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भिवानी जिला के गांव पुर निवासी राजमिस्त्री राय सिंह के बेटे दीपक ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के विज्ञान संकाय में प्रदेश भर में अव्वल स्थान प्राप्त किया है, प्रदेश में अव्वल स्थान पाने पर जहां परिजनों में खुशी का माहौल है, वहीं शिक्षक भी गदगद है और इस प्रतिभावान छात्र को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ हैं.

जानकारी के मुताबिक गांव पुर निवासी छात्र दीपक कस्बा बवानीखेड़ा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12वीं कक्षा का छात्र रहा है. दीपक ने विज्ञान संकाय से 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी और इस परीक्षा में उसने 500 में से 497 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त किया है. परीक्षा परिणाम घोषित होते ही दीपक सहित उनके परिजन खुशी से फूल नहीं समा रहे और अपने बेटे की सफलता पर पिता राय सिंह व मां गुड्डी की आंखों में खुशी के आंसू झलक आएं.

वहीं दीपक की सफलता पर बधाई देने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी संतोष नागर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उनके घर पहुंचे और दीपक को सम्मानित भी किया. वहीं परीक्षा परिणाम घोषित होते ही दीपक के घर ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई और हर कोई उसकी सफलता पर बधाई देने में जुटा हुआ था.



गांव पुर निवासी दीपक के पिता राज मिस्त्री है तथा मां गुड्डी गृहणी है, दोनों ही अशिक्षित है. इसके साथ-साथ उनकी आर्थिक हालत भी काफी कमजोर है. इसी के चलते दीपक के पिता राय सिंह व उसकी मां गुड्डी ने अपनी 6 संतानों को शुरू से ही सरकारी स्कूलों में शिक्षा दिलवाई है. दीपक अपनी पांच बहनों का एकलौता भाई है. दीपक की बहन सविता का कहना है कि उनके पिता राजमिस्त्री है तथा मां गृहणी है. इसके बावजूद भी उसके माता-पिता ने कभी भी बेटे व बेटियों में अंतर नहीं माना.

उनके पिता मजदूरी करके ही अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे है. परिवार बड़ा होने के चलते गुजारा ही बड़ी मुश्किल से हो पा रहा है. इसी के चलते वे सभी भाई-बहन निजी स्कूलों में नहीं पढ़ पाएं. उनकी इच्छा थी कि उनका एकलौता भाई निजी स्कूल में पढक़र किसी अच्छे पद पर नौकरी करे, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उनकी यह हसरत पूरी नहीं हो पाई और मजबूरीवश दीपक को भी कस्बा बवानीखेड़ा के सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाना पड़ा.

दीपक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ सभी बहनों एवं शिक्षकों को दिया. दीपक का कहना है कि उसका सपना इंजीनियर बनने का है. इसी के चलते वे इंजीनियर की प्रवेश परीक्षा की तैयारियों में जुटा हुआ है. उन्होंने बताया कि वह रोजाना 10 घंटे पढ़ाई करता है. पढ़ाई में हमेशा ही उसकी बहनें भी मदद करती है.

उन्होंने बताया कि हालांकि उसने अपनी तैयारी में ट्यूशन का भी सहारा लिया है. दीपक ने कड़े परिश्रम के बल पर अंग्रेजी में 99, कैमिस्ट्री में 100, संस्कृत में 100, गणित में 98 व फिजिक्स में 100 अंक हासिल किए.

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First published: May 15, 2019, 6:26 PM IST
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