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पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने कहा - तीनों कानून रद्द होने के बाद ही किसानों को सरकार से चर्चा करनी चाहिए

नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने गुरुवार को कितलाना टोल पर किसानों को संबोधित किया.

नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने गुरुवार को कितलाना टोल पर किसानों को संबोधित किया.

भिवानी पहुंचीं पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ आज तक ऐसी ज्यादती कभी नहीं हुई. गरीब व किसान की हाय से बड़े-बड़े सिंहासन हिल जाते हैं, ये भाजपा सरकार क्या चीज है.

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भिवानी. तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए किसानों का आंदोलन, सरकार से वार्ता और सियासत लगातार जारी है. भिवानी पहुंचीं पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ आज तक ऐसी ज्यादती कभी नहीं हुई. गरीब व किसान की हाय से बड़े-बड़े सिंहासन हिल जाते हैं, ये भाजपा सरकार क्या चीज है. ये बातें पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने गुरुवार को कितलाना टोल पर कहीं. वे यहां जारी किसानों के धरने पर समर्थन देने पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने तीनों कृषि कानून को काला कानून करार दिया. इसके साथ ही किरण चौधरी ने एसवाईएल के मुद्दे को किसान आंदोलन के बीच में उठाने पर भी सवाल खड़े किए हैं और किसानों का चीन व पाक से कनेक्शन बताने पर सरकार पर बडा कटाक्ष किया.

ऐसे अत्याचार किसानों पर कभी नहीं हुए

किरण चौधरी ने कहा कि कोरोना काल में किसानों की बदौलत देश सिर उठाए हुए था, लेकिन सरकार ने उन्हीं किसानों को जमीन में गाड़ने की तैयारी कर ली है. उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना की आड़ में सरकार ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ये कानून बनाए हैं. ये कानून संसद में बिना किसी चर्चा के जबरदस्ती पास किए गए हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली जाते समय किसानों पर जो अत्याचार किए, ऐसे अत्याचार देश में कभी नहीं किए गए.

किसान गरीब हैं लेकिन बेवकूफ नहीं

इसके साथ ही किरण चौधरी ने कहा कि किसान गरीब हैं, लेकिन बेवकूफ नहीं. उन्होंने कहा कि आज पूरे हिन्दुस्तान का किसान लामबंद हो चुका है. किसानों का चीन और पाकिस्तान से संबंध बताने वाले मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए. उन्होंने सरकार पर कटाक्ष किया कि चीन व पाकिस्तान किसान आंदोलन में घुसपैठ कर रहे हैं, तो सरकार कहां थी. ऐसी सरकार को बोरिया बिस्तर बांध लेना चाहिए. उन्होंने आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों को नमन किया.

अपनी मांग मनवा कर ही उठें किसान

किरण चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसानों को अब अपनी मांग मनवा कर ही उठना चाहिए. साथ ही उन्होंने नए साल पर भगवान से सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि तीनों काले कानून रद्द होने के बाद ही किसानों को सरकार से चर्चा करनी चाहिए और ऐसे कानून बनवाने चाहिए जो किसानों के हक में हों. किरण चौधरी ने किसान आन्दोलन के बीच एसवाईएल के मुद्दे को ध्यान भटकाने वाला मुद्दा बताया और कहा कि सरकार भाजपा की है. सरकार एसवाईएल का पानी लाए, हम उसके साथ हैं.

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