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लखीमपुर खिरी हिंसा: सड़कों पर उतरे किसान संगठन, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग

लखीमपुर खिरी हिंसा: सड़कों पर उतरे किसान संगठन, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग

संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल पर हर जिला में किया विरोध प्रदर्शन.

संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल पर हर जिला में किया विरोध प्रदर्शन.

Lakhimpur Khiri Violence: लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले में मंगलवार को प्रदेशभर के किसान एकजुट हुए. जिला मुख्यालयों पर दोपहर 2 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया गया. किसानों के प्रदर्शन और हजारों की संख्या में भीड़ के जुटने को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून व यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए भारी संख्या में फोर्स तैनात किया गया.

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    भिवानी. लखीमपुर खीरी की घटना (Lakhimpur Khiri Violence) को लेकर किसान एक बार फिर जिला स्तर पर गृह राज्य मंत्री की बर्ख़ास्तगी को लेकर सडकों पर उतरे. भिवानी में किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर कहा कि अजय मिश्रा (Ajay Mishra) पुलिस के बोस हैं और उनके पद पर रहते निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती. किसानों का कहना है कि वो 11 महिनों से कृषि क़ानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. इस दौरान बार-बार सरकार से टकराव हो रहा है.

    किसानों ने कहा कि वो वाटर कैनन व लाठीचार्ज को भूल जाते हैं पर लखीमपुर खीरी की घटना को भूल नहीं पा रहे हैं. जिसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल पर हर जिला में विरोध प्रदर्शन कर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्ख़ास्तगी की मांग की गई. किसान संगठनों ने भिवानी में चौधरी सुरेन्द्र सिंह पार्क से लघु सचिवालय तक सडकों पर उतर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद लघु सचिवालय पर डेरा जमाया और सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की.

    किसान नेताओं ने कहा कि अजय मिश्रा के विवादित बयान के पांच दिन बाद उनका बेटा किसानों को गाड़ी से कुच कर मार देता है. उन्होंने कहा कि ऐसा मंत्री जिसकी किसानों के प्रति प्रतिशोध रखता हो, उसे पद से बर्खास्त किया जाए. क्योंकि वो पुलिस का बोस है और उसके पद पर रहते निष्पक्ष जांच नहीं, केवल खानापूर्ति हो रही है.

    इसके साथ ही किसानों ने अपने लोकल मुद्दे भी उठाए और कहा कि बेमौसमी बारिश से उनके खेतों में खड़े पानी से कपास व धान की फसल ख़राब गोल गई है और डीएपी पुलिस थानों में भी ना मिलने पर अगली फसल की बिजाई प्रभावित हो रही है.

    किसानों के आंदोलन को एक साल होने को है. कभी किसानों पर लाठीचार्ज तो कभी सरकार के नेताओं का बहिष्कार. बार-बार किसान व सरकार आमने-सामने हो रहे हैं. दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर ककयम हैं ऐसे में आंदोलन का हल कब और कैसे होगा, ये बताने वाला कोई नहीं.

    Tags: Lakhimpur Kheri case, Lakhimpur Kheri Kisan Protest, Lakhimpur Kheri News

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