हरियाणा: जहां बेटे ने फंदा लगा की थी आत्महत्या, वहीं फंदे पर लटका मिला मां का शव

बेटे के सुसाइड से आहत मां ने भी की आत्महत्या. (सांकेतिक तस्वीर)

बेटे के सुसाइड से आहत मां ने भी की आत्महत्या. (सांकेतिक तस्वीर)

Suicide in Bhiwani: मनोचिकित्सक विनोद अंचल ने बताया कि अभिभावकों को समझना होगा कि पढ़ाई के लिए बच्चा नहीं, बल्कि बच्चे के लिए पढ़ाई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 6:39 AM IST
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भिवानी. देश का भविष्य व धरोहर अव्वल आने के दबाव के चलते कैसे ख़त्म हो रहे हैं, इसका ताज़ा उदाहरण भिवानी (Bhiwani) में और कुछ रोज़ पहले चरखी दादरी में देखने को मिला. भिवानी में सीए की परीक्षा में फेल होने पर युवक ने 8 फ़रवरी को सुसाइड (Suicide) किया था और अब उसकी मां ने उसी जगह सुसाइड कर जान दे दी. मनोचिकित्सक इसे पूरे देश की समस्या मान कर अभिभावकों से ऐसा दबाव की बजाय प्यार और समझ को महत्व देने की कह रहे हैं.

बता दें कि अशोका रोड़ निवासी 21 वर्षिय आशीष अपने मां बाप की इकलौती संतान था. आशीष ने सीए की परीक्षा दी लेकिन वो इसमें फेल हो गया. इसके बाद आशीष आहत व परेशान रहने लगा और 8 फ़रवरी को उसने अपने घर में फांसी का फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली. बताया जाता है कि अपनी इकलौती संतान के चले जाने के बाद उसकी मां सुनीता भी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी.

बेटे के जाने के ग़म से मानसिक रूप से परेशान 39 वर्षीय सुनीता ने भी अपने घर में बुधवार देर शाम उसी जगह फांसी का फंदा लगा कर जान दे दी. सूचना पाकर पुलिस मौक़े पर पहुँची और शव क़ब्ज़े में लेकर जाँच शुरू की. जाँच अधिकारी एसआई सुरेश गोयत ने बताया की मृतका अपने बेटे की खुदकुशी के बाद से परेशान चल रही थी.

बता दें कि 10 रोज़ पहले पास के जिला चरखी दादरी में अभ्यास करने वाली राजस्थान की युवा महिला कुश्ती पहलवान रितिका ने भी स्टेट चैंपियनशिप में हार के चलते अपने कोच व फूफा महाबीर फौगाट के घर फाँसी का फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली थी. आशीष की तरह इसके पिछे भी अव्वल आने का अनावश्यक दबाव ही रहा था.
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