भिवानी: लघु सचिवालय में भूकंप से अफ़रातफ़री, लोगों की अटकी सांसें

एनडीआरएफ की टीम (फाइल फोटो)

कहते हैं आफ़त कभी बता कर नहीं आती, ऐसे में इस प्रकार की मॉक ड्रिल (Mock Drill) निश्चित तौर पर आने वाली आफ़त से बचाव के लिए रामबाण होती हैं.

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भिवानी. हरियाणा के भिवानी जिलेे के लघु सचिवालय में उस समय अफ़रातफ़री मच गई जब यहां लोगों को भूकंप के बाद बचाव के लिए पहुंचे पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व दमकल की गाड़ियों के लिए हुटर सुनाई दिये. पर बाद में लोगों को पता चला की ये भूकंप की मॉक ड्रिल थी. मॉक ड्रिल के दौरान लघु सचिवालय में पुलिस पीसीआर, एंबुलेंस, NDRF की गाड़ियाँ और बचाव दल के कर्मचारियों की भागमभाग, घायलों को कंधे पर उठाए पुलिस कर्मचारी, छत पर चढ़ती एनडीआरएफ की टीम व छत से सीढ़ियों के सहारे घायलों को उतारते देख लोगों की सांसे अटक गई. हर कोई अपने आप को सुरक्षित देख भाग्यशाली समझ रहा था. पर जब हक़ीक़त सामने आई तो सबकी सांसों में सांस आई.

दरअसल ये सब एनडीआरएफ की टीम का भूकंप से बचाव के लिए मॉक ड्रिल थी. एनडीआरएफ टीम ने का अभ्यास था कि कभी भूकंप जैसी आपदा आ जाए तो बचाव की तैयारी, संसाधन व उपचार के लिए जो कुछ चाहिए वो संसाधन व तत्प्रता बचाव दल में है कि नहीं.

एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल की 

इस दौरान डीसी जयबीर सिंह आर्य ने बताया कि भूकंप जैसी आपदा से बचाव के लिए एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल की है. उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल से बचाव टीम का अभ्यास भी होता है और ज़रूरी संसाधनों की ज़रूरत व कमी का भी पता चलता है. डीसी ने कहा कि भगवान ना करे कभी ऐसी आपदा आए, लेकि जब आए तो उस समय मॉक ड्रिल बहुत कारगर साबित होती है.  कहते हैं आफ़त कभी बता कर नहीं आती। ऐसे में इस प्रकार की मॉक ड्रिल निश्चित तौर पर आने वाली आफ़त से बचाव के लिए रामबाण होती हैं.

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