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भिवानी की सारिका बनी जज, पिता बोले- बेटों से बढ़िया सेवा और मान-सम्मान करती हैं बेटियां
Bhiwani News in Hindi

Jagbir Ghangas | News18 Haryana
Updated: February 10, 2020, 10:08 AM IST
भिवानी की सारिका बनी जज, पिता बोले- बेटों से बढ़िया सेवा और मान-सम्मान करती हैं बेटियां
हरियाणा की बेटी बनी जज

जज (Judge) बनने के बाद सारिका ने बताया कि उसका शुरु से ही जज बनने का सपना था. उनके वकील चाचा रघुबीर रंगा ने इसके लिए प्रेरित किया और कानून की पढ़ाई (Study of Law) पढ़वाई.

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भिवानी. जिले की बेटियां मुक्केबाजी और कुश्ती के अब पीएम मोदी (PM Modi) की बेटी बचाओ-बेटी पढाओ (Beti Bachao Beti Padhao) मुहिम को आगे बढ़ाते हुए न्यायिक सेवा में भी आने लगी हैं. डीसी कॉलोनी निवासी सारिका का हाल ही में न्यायिक सेवा में चयन हुआ है. सारिका तीन बहनों में सबसे छोटी है. सारिका की एक बड़ी बहन पहले से जज हैं.

रिटायर्ड प्रोफेसर कृष्णलाल रंगा की सोनिका, मोनिका और सारिका नामक तीन बेटियां हैं. कृष्णलाल ने अपनी तीनों बेटियों को बेटों की तरह पाला और खुब पढ़ाया. उसी का नतीजा है कि बङी बेटी सोनिका एमएस पीएचडी हैं. बीच की मोनिका 2011 में जज लग चुकी हैं और अब सबसे छोटी बेटी सारिका भी जज बनी हैं. अब कह सकते हैं कि भिवानी की बेटियां बेटों से कम नहीं. वो मुक्केबाजी और कुश्ती के दांव पेच के साथ न्याय करने में भी सबसे आगे हैं.

जज बनना था सपना

जज बनने के बाद सारिका ने बताया कि उसका शुरु से ही जज बनने का सपना था. उनके वकील चाचा रघुबीर रंगा ने इसके लिए प्रेरित किया और कानून की पढ़ाई पढ़वाई. सारिका का कहना है कि सबके जीवन में कठिनाईयां आती हैं, लेकिन कठिनाओं से बिना डरे लक्ष्य पाने के लिए कड़ी मेहनत की जाए तो एक ना एक दिन मंजिल जरूर मिलती है. उन्होंने बताया कि हमें कभी भी अपने परिवार में बेटा-बेटी जैसा भेदभाव देखने को नहीं मिला. परिवार का इतना प्रोत्साहन मिला कि आज हमने अपनी मंजिल का पाया है.



सारिका के पिता ने कही ये बात

वहीं सारिका के पिता रिटायर्ड प्रोफेशर कृष्णलाल रंगा ने बताया कि बेटी बेटों से कम नहीं होती. बेटी बेटे से ज्यादा मान-सम्मान और सेवा करती है. उन्होंने कहा कि बेटी दो घरों का पालन करती है. इसी के चलते मैने हमेशा बेटियों का आदर किया है. उन्होंने कहा कि हमारा तो केवल प्रोत्साहन था, जिससे हमारी बेटियों ने अपनी मंजील का कड़ी मेहनत से पाया है. कृष्णलाल ने कहा कि मैं अपनी बेटियों को एक ही शिक्षा देता हूं कि अपने पद का निर्वाह हमेशा ईमानदारी से करना.समाज के लिए प्रेरणा

सारिका और उसकी बहने पूरे समाज के लिए प्रेरणा और हर बेटी के लिए आदर्श हैं. इन बेटियों ने जता दिया है कि बेटियों को बेटों के बराबर मान-सम्मान और अवसर मिले तो वो बेटों से कम नहीं. वो अपने मुक्के के दम और कुश्ती के दांवपेंच के साथ न्याय करने में भी सबसे आगे हैं.

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First published: February 10, 2020, 10:08 AM IST
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