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उपायुक्त के दोस्त ने फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर भरा घर का टैंक, बगीचे में दिया पानी

News18 Haryana
Updated: September 20, 2019, 6:06 PM IST
उपायुक्त के दोस्त ने फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर भरा घर का टैंक, बगीचे में दिया पानी
बगीचे में पानी देता उपायुक्त का दोस्त

भिवानी में एक ऐसा उदाहरण देखने को मिला जहां आग के नाम पर डीसी महोदय के दोस्त ने फायर ब्रिगेड अधिकारियों व कर्मचारियों पर लाचार बना दिया.

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भिवानी. जिले में उपायुक्त के साथ दोस्ती का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसने सभी नियमों को ताक पर रख कर फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) अधिकारियों को लाचार बना दिया. हैरानी की बात ये है कि सूचना मिलने पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को उपायुक्त (Deputy Commissioner) के इस दोस्त ने पहले तो जानकारी में होने की बात कही और फिर घर के कूड़े में आग लगने की दुहाई दी.

आमतौर पर देखा जाता है कि जब कभी कहीं आग लगती है तो फायर ब्रिागेड को सूचना देने पर भी देरी की शिकायतें आती हैं. पर भिवानी में एक ऐसा उदाहरण देखने को मिला जहां आग के नाम पर डीसी महोदय के दोस्त ने फायर ब्रिगेड अधिकारियों व कर्मचारियों पर लाचार बना दिया. इस शख्स ने डीसी की दुहाई देकर फायर ब्रिागेड की गाड़ी को अपने घर बुलाया. घर बुलाकर अपने घर के पानी का टैंक भरा और फिर घर के साथ खाली प्लाट में बने बगीचे के पौधे व सब्जियों में पानी डालने लगा. ये सब देख फायर ब्रिागेड के कर्मी भी हैरान रह गए.

बगीचा में दिया गया पानी


इस पूरे मामले की भनक मीडिया को लगी तो सच में मामला हैरान करने वाला था. डीसी का ये दोस्त अत्तर सिंह यादव फायर ब्रिागेड गाङी का पाइप खुद थामें हुए था और अपने घर का टैंक भर कर बड़ी ही शान से अपने बगीचे में पानी दे रहा था. जब इनसे बात की गई तो इन्होंने कहा कि ये प्लॉट किसी और का है. ये तो वैसे ही यहां आए थे. साथ ही मीडिया कर्मियों के कैमरों को हटाते हुए कहा कि हम आपस में जानते हैं तो क्यों बात को बढ़ाते हो.

मीडिया के सामने कूड़े में आग लगने की देने लगा दुहाई

वहीं बाद में वो कहने लगा कि इस प्लॉट के प़ड़े कूड़े में सुबह आग लग गई थी. साथ ही पार्क में भी कुछ कूड़े में आग लग गई थी. इसलिए उन्होने पौधों या सब्जी में पानी देने के लिए नहीं बल्कि आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई थी. इसी बीच फायर कर्मियों को इशारा करते हुए उन्होंने जाने का इशारा किया. इसके बाद फायर कर्मचारियों ने अपने सामान को समेटा और आनन-फानन में गाड़ी लेकर चलते बने.

फायर स्टेशन अधिकारी ने कही ये बात
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वहीं इस पूरे मामले पर जब फायर स्टेशन अधिकारी जय नारायण से बात कि तो उन्होंने खुद माना कि उनके कार्यालय में आज पूरा दिन आग लगने की कोई कॉल नहीं आई. उन्होंने बताया कि सेक्टर-13 में उनकी जो गाड़ी गई है उसके लिए डीसी कैंपस से फोन आया था. उसी के आधार पर उन्होंने गाड़ी भेजी थी. पर गाङी जहां गई वहां आग की बजाय गाड़ी का प्रयोग घर के लिए किए जाने के सवाल पर उन्होंने एक बार तो कहा कि इस बारे में जांच करेंगे और कुछ गलत हुआ है तो आगे ध्यान रखेंगें.

बड़े अधिकारी के निर्देश का पालन करना उनका फर्ज

साथ ही अपनी लाचारी जताई और कहा कि डीसी उनके उच्च अधिकारी हैं और उनके कैंपस से फोन आने पर वो गाड़ी भेजने के कारणों को नहीं जान सकते. जो निर्देश मिले थे उनकी पालना करना फर्ज है इसलिए गाङी बिना कुछ पूछ ही भेज दी गई. वहीं कार्यवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि गाड़ी लेकर गए कर्मचारियों से पुछताछ करेंगे और कुछ गलत हुआ तो पुलिस में शिकायत देंगे.

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First published: September 20, 2019, 6:06 PM IST
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