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  • BHIWANI UNION MINISTER VK SINGHS VILLAGE IS IN TROUBLE MORE THAN 25 DEATHS IN 15 DAYS HRRM

केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह का गांव बेहाल, 15 दिन में 25 से ज्यादा मौतें, दहशत के साये में जीने को मजबूर लोग

बिना टेस्टिंग के सभी की मौत कोरोना से मानी जा रही है.

Bhiwani News: डीसी, एसपी व सीएमओ ने किया बापोडा और तिगड़ाना गांव का दौरा. डीसी जयबीर सिंह आर्य ने गांवों में लगवाए कैंप. कोरोना टीका लगाने का काम भी शुरू किया गया है.

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भिवानी. कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है. शहरों में हालात कुछ सुधरे हैंं, पर गांवों में हालात ऐसे बिगड़े की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. केन्द्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह (VK Singh) के गांव बापोडा में दर्जनों लोगों की मौत हुई है. इसका कारण गांवों में टेस्टिंग व वैक्‍सीनेसन ना होना माना जा रहा है. न केवल बापोडा गांव (Bapoda Village), बल्कि हर बड़े गांव का यही हाल है. हालांकि, अब प्रशासन और पंचायतें सतर्क हुई हैं.

बात करें केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के गांव बापोडा की तो यहां बीते कुछ दिनों में 25-30 लोगों की मौत हो चुकी है. अब लोगों में इतना डर है कि कोई घर से बाहर नहीं निकल रहा. गांव की हर गली विरान और सुनसान है. गांव के सरपंच नरेश ने बताया कि मरने वालों में 3-4 कोरोना पॉज़िटिव थे. उन्‍होंने बताया कि अब डीसी जयबीर सिंह आर्य ने एसपी व सीएमओ के साथ गांव में आकर कोविड सेन्टर बनाया है, जहां टेस्टिंग और वैक्सीन लगाने का काम शुरू हुआ है.

बापोडा गांव निवासी सतपाल तंवर ने बताया कि गांव वाले पहले टेस्टिंग व वैक्सीन से डरते थे. जो टेस्ट करवाना या वैक्सीन लगवाना चाहता था उसके लिए सुविधा नहीं थी. ऐसे में देखते ही देखते चंद दिनों में 25-30 लोगों की मौत हो गई. उन्‍होंने कहा कि टेस्टिंग न होने से ये मौत कोरोना के कारण हुई मानी जा रही है.

गांव बापोडा पहुंचे उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने बताया कि टेस्टिंग व वैक्सीन का काम शुरू करवा दिया गया है. जीएमएम, एएनएम व अध्यापकों को अलर्ट कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आने वाले 10 दिनों में महामारी पर क़ाबू पा लिया जाएगा. वहीं, बापोडा गांव में कोविड सेन्टर इंचार्ज डॉ मोनिका ने बताया कि बापोडा में 70 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है और 30 लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए हैं, जिनमें कोई पॉज़िटिव नहीं मिला. डॉ मोनिका ने कहा कि यह काम लगातार जारी रहेगा.

महामारी में मारामारी अकेले बापोडा गांव में नहीं है. जिला के हर बड़े गांव के यही हाल हैं. बात करें पड़ोस के गांव तिगड़ाना की तो यहां भी वही हाल है. तिगड़ाना गांव के सरपंच प्रदीप ने अच्छी पहल की है. ये गांव में मुनादी करवा रहे हैं कि कोई भी घर से बेवजह बाहर निकला, ताश खेलते मिला या सामूहिक हुक्का पिते मिला तो 500 रुपये जुर्माना लगेगा.