फिल्म की तरह बैंक में ऐसे डाली करोड़ों की डकैती, 180  में से लूटे सिर्फ 6 लॉकर

लॉकर रूम तक पहुंचने के लिए एक स्कूल की क्लास को रास्ता बनाया गया. डकैती का खुलासा जल्द न हो इसलिए बैंक में होनी वाली ढाई दिन की छुट्टी का वक्त चुना गया. ज्यादा से ज्यादा रकम लूटने के लिए 180 में से सिर्फ 6 ही लॉकरों को निशाना बनाया.

News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 2:47 PM IST
फिल्म की तरह बैंक में ऐसे डाली करोड़ों की डकैती, 180  में से लूटे सिर्फ 6 लॉकर
प्रतीकात्मक तस्वीर. क्लास के फर्श को काटकर बदमाश बैंक के लॉकर रूम में पहुंचे थे.
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Updated: August 14, 2019, 2:47 PM IST
पानीपत में करोड़ों की बैंक (Bank) डकैती की कहानी किसी फिल्म (Movie) के जैसी ही है. धूम मूवी में खजाने तक पहुंचने के लिए होटल (Hotel) के कमरे को रास्ता बनाया गया था. लेकिन इस डकैती में बैंक के लॉकर रूम तक पहुंचने के लिए एक स्कूल की क्लास को रास्ता बनाया गया. डकैती का खुलासा जल्द न हो इसलिए बैंक में होनी वाली ढाई दिन की छुट्टी का वक्त चुना गया. ज्यादा से ज्यादा रकम लूटी जा सके इसके लिए 180 में से सिर्फ 6 ही लॉकरों को निशाना बनाया गया.

इस तरह से बैंक के लॉकर रूम में घुसे बदमाश

पानीपत, हरियाणा की पंजाब एण्ड सिंध बैंक की यह ब्रांच एक गुरुद्वारा के बराबर से चलती है. बैंक के ऊपर स्कूल संचालित है. स्कूल (School) में बनी क्लास की खिड़की एक गली में पीछे की ओर खुलती है. बदमाश इसी खिड़की को तोड़कर स्कूल में दाखिल हुए. हैरान करने वाली बात यह है कि इसी क्लास के नीचे लॉकर रूम है. बदमाशों ने क्लास की दरी हटाकर फर्श को कटर से काटकर नीचे उतरने का रास्ता बनाया. क्लास में से नीचे कूदने के दौरान चोट न लगे इसके लिए बदमाशों ने पहले स्कूल में रखीं गेहूं की खाली बोरियां लॉकर रूम में फेंक दी. इसके बाद दरी का सहारा लेकर नीचे उतर गए.

180 में से सिर्फ यह 6 लॉकर ही काटे

जांच के दौरान पुलिस को परेशान करने वाली एक बात यह सामने आई है कि लॉकर रूम में ग्राहकों के कुल 180 लॉकर हैं. लेकिन बैंक में घुसे बदमाशों ने सिर्फ 6 लॉकर को ही निशाना बनाया. पुलिस के अनुसार यह 6 लॉकर भी सीरियल नम्बर से नहीं हैं. 6, 7, 21, 22, 37 और 82 नम्बर के लॉकर ही तोड़े गए हैं. 6 में से 5 लॉकर के मालिक घटना के बाद पहुंच चुके थे. शुरुआती आकंलन के अनुसार 5 लॉकर में से करीब 200 तोला सोना और करोड़ों रुपये गायब हैं. वहीं एक बचे लॉकर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

प्रतीकात्मक फोटो- बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की हार्ड डिस्क नहीं थी. वो सिर्फ लाइव देखने के लिए थे.


डकैती डालने को इसलिए चुने यह दिन
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शनिवार 10 अगस्त को बैंक जल्दी बंद हो गई थी. अगले दिन रविवार की और सोमवार को बकरीद की छुट्टी थी. कुल मिलाकर अगर शनिवार की रात डकैती डाली गई तो अगले दो दिन तक किसी को कोई खबर नहीं लगनी थी कि बैंक में डकैती डाली जा चुकी है. हालांकि पुलिस अभी यह पता नहीं लगा पाई है कि डकैती किस दिन डाली गई.

लेकिन बदमाशों को शायद यह आइडिया नहीं था कि सोमवार के बकरीद होने पर भी स्कूल खुलेगा. सोमवार को जब बच्चे कॉमर्स की क्लास में पहुंचे तो वहां से उन्हें बैंक का लॉकर रूम दिखाई देने लगा.

प्रतीकात्मक फोटो- पुलिस घटना की जांच कर रही है, लेकिन सीसीटीवी की हार्ड डिस्क ही नहीं है.


सिर्फ लाइव तस्वीर दिखा रहे थे सीसीटीवी

घटना की जानकारी होते ही पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में लेने की कोशिश की. लेकिन पुलिस उस वक्त हैरान रह गई जब उसे मालूम पड़ा कि बैंक में सीसीटीवी तो लगे हैं लेकिन कंट्रोल पैनल में हार्ड डिस्क नहीं लगी है. कैमरों से सिर्फ लाइव तस्वीरें देखी जाती हैं. पुलिस ने तुरंत ही स्कूल के सीसीटीवी चेक किए तो उन्हें बदमाशों ने नीचे की ओर झुका दिया था.

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First published: August 14, 2019, 2:47 PM IST
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