रेलवे की बड़ी लापरवाही! UPSC की तैयारी कर रहे युवक का शव 30 किमी तक घसीटती रही ट्रेन

फरीदाबाद रेलवे स्टेशन (Indian Railways) के कुछ दूर आगे ट्रेन रोकने के बावजूद लोको पायलट ने नहीं निकलवाया शव, सहायक स्टेशन मास्टर पर भी केस दर्ज

News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 12:20 PM IST
रेलवे की बड़ी लापरवाही! UPSC की तैयारी कर रहे युवक का शव 30 किमी तक घसीटती रही ट्रेन
लोको पायलट और सहायक स्टेशन मास्टर पर केस दर्ज
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Updated: August 12, 2019, 12:20 PM IST
दिल्ली से करीब 35 किलीमीटर दूर ओल्ड फरीदाबाद (Faridabad) रेलवे स्टेशन (Railway station) पर एक युवक जम्मूतवी से दुर्ग जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (Express Train) की चपेट में आ गया. वह इंजन के हुक में फंस गया. लोको पायलट ने आगे जाकर कुछ देर के लिए गाड़ी रोक दी. लेकिन इंजन में फंसे शव को निकलवाए बगैर ही वह आगे बढ़ गया. वो करीब 30 किलोमीटर दूर पलवल स्टेशन पहुंच गया. वहां ट्रेन को करीब 40 मिनट तक रोक कर शव को निकाला गया. तब तक ऊपरी हिस्सा छोड़कर शव में कुछ भी नहीं बचा था. युवक की पहचान एसजीएम नगर निवासी 29 वर्षीय राजीव के रूप में हुई है. जो यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहा था, ताकि आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सके. मृतक के बड़े भाई रौशन प्रताप सिंह की शिकायत पर जीआरपी ने लोको पायलट और रेलवे (Indian Railways) के सहायक स्टेशन मास्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है.

राजीव के परिजन मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गांव पुरा के रहने वाले हैं. फरीदाबाद (हरियाणा) में वे किराए पर रहते हैं. रौशन प्रताप सिंह ने बताया उनका भाई राजीव यूपीएसपी की तैयारी कर रहा था. वह दो बार परीक्षा में बैठ भी चुका था. उसने किरोड़ीमल कॉलेज से पढ़ाई की हुई थी. बृहस्पतिवार को वह मैगजीन लेने ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन गया था. लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा.

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यूपीएससी की तैयारी कर रहा था राजीव


इसी दौरान एक आरपीएफ कर्मी ने परिजनों को घटना की जानकारी दी. परिजन शुक्रवार को पलवल पहुंचे और उसकी पहचान राजीव के रूप में की. रौशन का आरोप है कि जब लोको पायलट को पता चल गया कि कोई व्यक्ति ट्रेन से टकराकर फंस गया है तो उसे ट्रेन रोक कर शव निकलवाना चाहिए था. उसने ट्रेन रोकी लेकिन शव निकाला नहीं. इंजन के हुक में फंसा शव लेकर ही पलवल पहुंच गया.

जीआरपी के सब इंस्पेक्टर राजपाल के मुताबिक उन्हें एक युवक के ट्रेन से टकराने की सूचना मिली थी. जब तक वो मौके पर पहुंचे लोको पायलट ट्रेन पलवल की ओर ले जा चुका था. तब इसकी सूचना पलवल जीआरपी को सूचना दी गई. पलवल के जीआरपी चौकी इंचार्ज भीम सिंह के मुताबिक फरीदाबाद से मैसेज मिलने के बाद ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर तीन पर रुकवाया गया.

शव इंजन में इस कदर फंसा हुआ था कि उसे निकालने में 40 मिनट लग गया. उन्होंने बताया कि शव का ऊपरी हिस्सा छोड़कर शरीर का कोई अंग नहीं मिला. क्योंकि फरीदाबाद से 30 किलोमीटर ट्रेन आने से शव के टुकड़े रास्ते में बिखर गए होंगे.

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लोको पायलट पर दर्ज एफआईआर की कॉपी

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रौशन ने कहा कि ट्रेन के लोको पायलट ने नियम का उल्लंघन किया. शव इंजन में फंस जाने के बाद बगैर जीआरपी क्लीयरेंस मिले ट्रेन आगे नहीं ले जाना चाहिए था. लोको पायलट ने ट्रेन कुछ देर के लिए फरीदाबाद में ही नीलम पुल के नीचे रोकी थी लेकिन वहां पर शव निकाले बिना ट्रेन को आगे बढ़ा दिया.

रेलवे अधिकारियों का भी कहना है कि जब लोको पायलट ने ट्रेन रोकी तो उसे पैनल अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. इसीलिए जीआरपी ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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First published: August 12, 2019, 11:50 AM IST
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