भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रणजीत सुरजेवाला की तकरार में हरियाणा कांग्रेस भी एमपी की राह पर जा सकती है?
Chandigarh-City News in Hindi

भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रणजीत सुरजेवाला की तकरार में हरियाणा कांग्रेस भी एमपी की राह पर जा सकती है?
हुड्डा और सुरजेवाला की तकरार से राज्यसभा सीट को लेकर फंसी पेंच.

हुड्डा ने साफ कह दिया है कि हरियाणा से किसी और को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने की सूरत में राज्य के कांग्रेस विधायक नहीं देंगे वोट.

  • Share this:
कांग्रेस में राज्यसभा सीटों को लेकर मचा घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. राज्यसभा के मुद्दे पर ही मध्यप्रदेश में बवाल शुरू हुआ और झगड़ा इतना बढ़ा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी ही छोड़ दी, अब यह लड़ाई हरियाणा पहुंच चुकी है.

सूत्रों के मुताबिक हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस नेतृत्व को धमकी दी है कि अगर उनको खुद या उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को राज्यसभा नहीं भेजा जाता है तो विधायक किसी अन्य उम्मीदवार को वोट देने के लिए तैयार नहीं है. गौरतलब है कि केंद्रीय नेतृत्व हरियाणा से पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष और सोनिया गांधी की करीबी कुमारी शैलजा के नाम पर भी विचार कर रहा था.

शैलजा को राज्य सभा भेजने की जरूरत नहीं -हुड्डा



भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुमारी शैलजा को राज्यसभा टिकट दिए जाने का यह कहकर विरोध किया कि वह प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, इसलिए उनको राज्यसभा देने की कोई जरूरत नहीं है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को न सिर्फ हरियाणा बल्कि देश के किसी भी राज्य से राज्यसभा भेजे जाने का विरोध किया है.
केंद्र में आना चाहते हैं हुड्डा

दरअसल हुड्डा खुद केंद्र की राजनीति में आना चाहते हैं, इसलिए राज्यसभा सांसद बनना चाहते हैं. साथ ही साथ वह अपने बेटे को अपनी विधायक की खाली की हुई सीट के उपचुनाव में लड़वाकर हरियाणा विधानसभा भेजना चाहते हैं और उसको नेता विपक्ष भी बनाना चाहते हैं. इसके पीछे हुड्डा का मकसद अगले 4 साल यानी विधानसभा चुनाव से पहले दीपेंद्र हुड्डा को हरियाणा के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने की तैयारी है. हुड्डा ने नेतृत्व से कहा है कि अगर उनको राज्यसभा भेजने में दिक्कत हो तो उनकी जगह पर उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को राज्यसभा भेजा जाए.

राज्य सभा चुनाव से कई राज्यों में दिक्कत में कांग्रेस

राज्यसभा चुनाव ने कांग्रेस की मुश्किल कई राज्यों में बढ़ा दिया है. मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने के बाद हालांकि दिग्विजय सिंह का नाम राज्यसभा के लिए प्रस्तावित कर दिया गया है, लेकिन हरियाणा में अगर हुड्डा सीनियर या जूनियर के अलावा किसी और को राज्यसभा भेजा जाएगा तो पार्टी में बगावत हो सकती है.

बिहार में भी आरजेडी ने कांग्रेस को वादे के मुताबिक एक राज्यसभा सीट नहीं दी है. कुछ दिन पहले ही शक्ति सिंह गोहिल ने तेजस्वी यादव को उनके वादे की याद दिलाते हुए एक राज्यसभा सीट की मांग रखी थी. हालांकि तेजस्वी ने सोनिया गांधी से बात कर दोनों राज्यसभा सीट आरजेडी को एक खाते में डाल दी है.

ये भी पढ़ें -

राज्यसभा के टिकट की खींचतान में फंसी कांग्रेस, इन नामों पर है पेंच

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हालत पर दिग्विजय चौटाला ने ली चुटकी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज