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90 करोड़ रुपए का धान घोटाला: 450 राइस सेलर्स ने सरकार को नहीं भेजा अपना जवाब
Chandigarh-City News in Hindi

Ankit Dudani | News18 Haryana
Updated: February 7, 2020, 10:28 AM IST
90 करोड़ रुपए का धान घोटाला: 450 राइस सेलर्स ने सरकार को नहीं भेजा अपना जवाब
सबसे ज्यादा खामियां सीएम सीटी करनाल जिलें में मिली है.

पीके दास (PK Das) ने बताया कि इस मामले में अब सरकार (Government) के पास कार्रवाई के तीन विकल्प है. पहले विकल्प में भी गारंटर्स को सरकारी राशि (Government money) वापस दिलवाने का बात कहेंगे.

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चंडीगढ़. हरियाणा के 90 करोड़ रुपए के धान घोटाले (Paddy Scam) के मामले में अभी तक 450 राइस सेलर्स ने सरकार (Government) को अपना जवाब नहीं भेजा है. अब सरकार ने इस मामले में मिल मालिकों के गारंटर्स को तलब किया है. चंडीगढ़ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि सभी गारंटर को बातचीत के लिए सोमवार को मुख्यालय में बुलाया गया है. इनसे सरकारी धनराशि वापास जमा करवाने को कहा जाएगा.

पीके दास ने बताया कि इस मामले में अब सरकार के पास कार्रवाई के तीन विकल्प है. पहले विकल्प में भी गारंटर्स को सरकारी राशि वापस दिलवाने का बात कहेंगे. इसके अलावा डिफॉल्टर राइस मिलर्स को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है और उनके खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया जा सकता है.

सबसे ज्यादा खामियां सीएम सीटी करनाल में मिली

फिजिकल वेरीफिकेशन के दौरान सबसे ज्यादा स्टाक की कमी मुख्यमंत्री के गृह जिले करनाल में मिली है. जहां पर 13163 मेट्रिक टन धान कम मिला है. इसके बाद कुरुक्षेत्र जिले का नंबर आता है. जहां पर 10768 मेट्रिक टन धान कम मिला है.

अन्य जिलों में ये थी स्थिति

अंबाला की 284 मिलों में 9403 मैट्रिक टन, फतेहाबाद की 168 मिलों में 2241 मेट्रिक टन और कैथल की 115 मिलो में 1414 टन धान की कमी मिली है. सरकार ने प्रदेश को 1314 मिलो की जांच के लिए 300 टीमें गठित की थी. इस दौरान 1207 मिलों के स्टॉक में कमी मिली है.

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First published: February 7, 2020, 10:28 AM IST
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