हरियाणा में 90 करोड़ का धान घोटाला, राइस मिलर्स से ब्याज सहित रिकवरी करेगी सरकार
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हरियाणा में 90 करोड़ का धान घोटाला, राइस मिलर्स से ब्याज सहित रिकवरी करेगी सरकार
सबसे ज्यादा खामियां सीएम सीटी करनाल जिलें में मिली है.

पीके दास ने बताया कि जिन मीलों में धान (Paddy) की कमी मिली है उन राईस मिलर्स (Rice Millers) के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी और उसमें वो तीन तरह से दंडित किये जा सकते हैं.

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चंडीगढ़. हरियाणा में कथित धान घोटाला (Paddy Scam) 90 करोड़ का सामने आया है. इस बारे में जानकारी देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food and Supplies Department) के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास ने बताया की 1304 मीलों की जांच के दौरान धान के स्टॉक में 42 हजार 590 मैट्रीक टन धान की कमी मिली है. सबसे ज्यादा खामियां सीएम सीटी करनाल जिलें में मिली है.

बता दें कि प्रदेश में धान खरीद को लेकर और फिर मिलर्स द्वारा सरकार को वापस लौटाए गए चावल को लेकर लगातार घोटाले की बात जोर शोर से उठ रही है. अब साफ हो गया है की प्रदेश में लगभग 90 करोड़ रूपये का घोटाला सामने आया है. बुधवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस पीके दास ने मीडीया से मुखातिब होकर ये जानकारी दी.

करनाल जिले में मिली सबसे ज्यादा कमी



पीके दास ने बताया कि जिन मीलों में धान की कमी मिली है उन राईस मिलर्स के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी और उसमें वो तीन तरह से दंडित किये जा सकते हैं. पहली धनराशि की रिकवरी, दूसरी मिलों को ब्लैक लिस्ट करने की और तीसरी पुलिस केस दर्ज कराने की. तीनों कार्रवाई एक साथ भी हो सकती है. दास के अनुसार सबसे ज्यादा कमी मुख्यमंत्री के गृह जिलें करनाल में मिली है.



पैसे की रिकवरी करेगी सरकार

जिन मिलों में कम स्टॉक मिला है, उनसे सरकार पैसे की रिकवरी करेगी. धान की मूल कीमत के अलावा इसे मंडी से लेकर मिल तक पहुंचाने का खर्चा, आढ़तियों का कमीशन और मार्केट फीस के अलावा ब्याज की भी रिकवरी होगी. ब्याज की रिकवरी भी धान का स्टॉक मिल में पहुंचने के दिन से लेकर रिकवरी वाले दिन तक होगी.

अब सरकार ही उठाएगी ये कदम

अभी तक मंडियों से मिलों तक धान लेकर जाने का जिम्मा मिल मालिकों का होता था, लेकिन अब सरकार खुद ही मंडियों से मिलों तक धान की पहुंच सुनिश्चित करेगी. खाद्य एवं आपूॢत विभाग तथा खरीद एजेंसियां कुल खरीदे गए धान का रिकॉर्ड भी अपने पास रखेंगी. सरकारी कांटों पर धान की तुलाई होगी. सरकार खुद ही ट्रक हॉयर कर मंडियों से धान लोड कराएगी और धान को मिलिंग के लिए चावल मिलों तक पहुंचाएगी.

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First published: January 9, 2020, 10:33 AM IST
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