हरियाणा: भाजपा सरकार में हुए घोटालों को लेकर अभय चौटाला ने सीएम खट्टर को लिखा पत्र
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हरियाणा: भाजपा सरकार में हुए घोटालों को लेकर अभय चौटाला ने सीएम खट्टर को लिखा पत्र
अभय चौटाला ने पत्र में 9 घोटालों का किया जिक्र

इस पत्र की एक-एक प्रति देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) व गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को भी भेजी. उन्होंने लिखा पिछले पांच महीनों में प्रदेश का हर वर्ग जैसे किसान, व्यापारी, मजदूर तथा कर्मचारी वर्ग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

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चंडीगढ़. इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधायक चौधरी अभय चौटाला (Abhay Chautala) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) को कोरोना महामारी तथा प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार व घोटालों के बारे में अवगत कराने के लिए पत्र लिखा. इस पत्र की एक-एक प्रति देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी. उन्होंने लिखा पिछले पांच महीनों में प्रदेश का हर वर्ग जैसे किसान, व्यापारी, मजदूर तथा कर्मचारी वर्ग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. वहीं इसका सीधा असर कारोबार ठप्प होने की वजह से रोजगार पर पड़ा है.

दूसरी ओर पिछले 9 महीनों में 9 घोटाले उजागर हुए हैं. समय-समय पर उन्होंने स्वयं इन घोटालों को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाने के प्रयास किए परन्तु सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई. इनेलो नेता ने मुख्यत: 9 घोटालों का विस्तार से अपने पत्र में वर्णन किया है.

पहला घोटाला जिसमें वर्ष 2015 से निरंतर हर वर्ष धान घोटाले हो रहे हैं, परंतु सरकार द्वारा अंकुश न लगाने और सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता के कारण ये घोटाला हर वर्ष बढ़ता जा रहा है. जिसमें नमी के नाम पर  150-200 रुपए प्रति क्विंटल किसानों से काटे जा रहे हैं.



दूसरा घोटाला गेहूं व सरसों खरीद एवं चने की तुलवाई में हुआ जिसमें किसानों को समय पर गेहूं का भुगतान नहीं किया गया तथा करोड़ों रुपए का ब्याज डकार गए. वहीं आढ़तियों से 4-6 रुपए प्रति बैग सुविधा शुल्क के नाम पर लिए गए. चने में पांच किलोग्राम प्रति बैग की हेराफेरी की गई.
तीसरे घोटाले का जिक्र करते हुए लिखा कि लगभग 41 चावल मीलों ने 30 प्रतिशत से अधिक चावल सरकार को वापस नहीं किया व पीडीएस के लिए पांच मीलों के स्टॅाक  में लगभग छह हजार क्विंटल चावल की कमी पाई गई जिससे सैकड़ों करोड़ रूपए का राजस्व का नुक्सान हुआ.

चौथा घोटाला लॉकडाउन के दौरान शराब का हुआ जिसमें गोदामों में रखी लाखों अंग्रेजी और देशी शराब की बोतलों की भारी मात्रा में तस्करी सामने आई और सरकार ने जांच के नाम पर एसईटी बना कर लीपापोती कर दी.

पांचवां घोटाला लॉकडाउन के दौरान रजिस्ट्री का हुआ जिसमें अधिकारियों ने हजारों करोड़ रूपए लेकर अवैध कालोनियों तथा कृषि भूमि की 30 हजार से ज्यादा गलत रजिस्ट्रियां की. इसमें ये भी सामने आया कि इस घोटाले के पैसे मन्त्री तक भी गए.

छठा घोटाला ट्रांसफर में हुआ जिसमें पैसे लेकर मनमाने पदों पर तबादले किए गए. सातवां घोटाला परिवहन विभाग में हुआ जिसमें बसों के परमिट किलोमीटर के आधार पर निजी ट्रांसपोर्टरों को 36 से 37 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से दिए गए.

आठवां घोटाला प्रदेश में अनुसूचित जाती व पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए दी जाने वाली छात्रवृति का हुआ जिसमें 3.5 करोड़ रुपए के घोटाले की एफआईआर दर्ज हुई. नौवां घोटाला फसल बीमा योजना के प्रीमियम के रूप में किया गया जिसमें राज्य सरकार ने हिस्से का प्रीमियम देने से मना कर दिया और केसीसी वाले किसानों से बगैर पूछे उनके खाते से प्रीमियम की रकम काटी गई.

इनेलो नेता ने अपने पत्र में कहा कि कोरोना की बीमारी के केसों में निरंतर बढौतरी हो रही है. वहीं भ्रष्टाचार भी बढ़ता जा रहा है इसलिए मांग करते हैं कि इन सभी घोटालों की जांच सीबीआई से करवाई जाए ताकि सच्चाई प्रदेश की जनता के सामने आ सके.
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