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अशोक तंवर ने दिया इस्तीफा, बोले- राहुल गांधी के करीबियों को पार्टी ने किया किनारे

भाषा
Updated: October 5, 2019, 7:06 PM IST
अशोक तंवर ने दिया इस्तीफा, बोले- राहुल गांधी के करीबियों को पार्टी ने किया किनारे
अशोक तंवर ने कांग्रेस छोड़ने के बाद लगाए गंभीर आरोप

अशोक तंवर (Ashok tanwar) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को भेजे त्यागपत्र में यह आरोप भी लगाया कि पार्टी को खत्म करने की साजिश की जा रही है.

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चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) में टिकट वितरण से नाराज प्रदेश कांग्रेस (Congress) समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर (Ashok tanwar) ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर के कुछ लोगों के कारण पार्टी अस्तित्व के संकट से जूझ रही है.

तंवर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को भेजे त्यागपत्र में यह आरोप भी लगाया कि पार्टी को खत्म करने की साजिश रची जा रही है. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव के बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफा दे दिया था.

राहुल गांधी के करीबियों की 'राजनीतिक हत्या' की जा रही है
तंवर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके सामने पार्टी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था और वह फिलहाल भाजपा या किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के करीबियों की 'राजनीतिक हत्या' की जा रही है.

मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है
त्यागपत्र में तंवर ने कहा, 'मौजूदा समय में कांग्रेस अपने राजनीतिक विरोधियों के कारण नहीं, बल्कि आपसी अंतर्विरोधों के चलते अस्तित्व के संकट से जूझ रही है. जमीन से उठे और किसी बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक नहीं रखने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है'.

गुलाम नबी आजाद और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी किए हमले
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उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पार्टी में 'पैसे, ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने की रणनीति काम कर रही है'. तंवर ने पार्टी के महासचिव प्रभारी गुलाम नबी आजाद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला. साथ ही आरोप लगाया कि इन नेताओं के साथ 'सांठगांठ' ही टिकट पाने का सबसे महत्वपूर्ण मापदण्ड रहा और ऐसे में पांच साल मेहनत करने वाले कई कार्यकर्ता टिकट पाने से उपेक्षित रह गए.

अशोक तंवर ने कांग्रेस से अपने ढाई दशक के जुड़ाव और राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा, 'मेरी लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जो देश की सबसे पुरानी पार्टी को खत्म कर रही है'

टिकट वितरण से नाराज हैं तंवर
दरअसल, पिछले महीने तंवर को हटाकर पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. इसके साथ ही हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष और चुनाव प्रबन्धन समिति का प्रमुख बनाया गया था. तंवर और समर्थकों ने टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था.

शैलजा ने तंवर के आरोपों को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि टिकट तय प्रक्रिया के तहत दिए गए हैं और सभी नेताओं को मिलकर कांग्रेस को जिताने के लिए काम करना चाहिए.

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First published: October 5, 2019, 4:54 PM IST
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