बबीता फोगाट ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, पूछा- क्यों नहीं बना रहे DSP

बबीता फोगाट ( फाइल फोटो )
बबीता फोगाट ( फाइल फोटो )

बबीता फोगाट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खेल कोटा के अनुसार पुलिस में डीएसपी के पद पर नियुक्ति की मांग की है.

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दंगल गर्ल व कॉमनवेल्थ की स्वर्ण पदक विजेता बबीता फोगाट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खेल कोटा के अनुसार पुलिस में डीएसपी के पद पर नियुक्ति की मांग की है. बबीता की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के खेल व युवा मामलों के सचिव को 9 मई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

चरखी दादरी के गांव बलाली निवासी 29 वर्षीय अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं. बबीता को तत्कालीन भूपेंद्र हुड्डा सरकार में वर्ष 2013 में पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति दी थी. बबीता ने अपनी बड़ी बहन गीता फौगाट के मामले का हवाला देते हुए डीएसपी के पद पर पदोन्नति मांगी है. गीता को अदालत के हस्तक्षेप के बाद अक्टूबर 2016 में हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा पुलिस में डीएसपी नियुक्त किया गया था.

बबीता ने वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था. उन्होंने 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स और 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता. वह रियो ओलंपिक 2016 में भारतीय पहलवानों के दस्ते का भी हिस्सा थीं. हालांकि उन्हें अभी तक ओलंपिक में कोई पदक नहीं मिला है. हरियाणा सरकार द्वारा पॉलिसी बनाई थी कि स्वर्ण पदक विजेताओं को डीएसपी नियुक्त किया जाएगा.



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याचिका में बबीता ने कहा है कि हरियाणा सरकार ने कई गोल्ड मेडलिस्टों की सूची तैयार करके डीएसपी प्रमोट किया जा चुका है. जबकि खेल कोटा के अनुसार वह डीएसपी के पद के लिए सभी कंडिशन पूरी कर रही हैं. बबीता ने इस बारे में उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और रिप्रेजेंटेशन भी दी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ.

बबीता फोगाट ने बताया कि उनके वकील नवीन नरवाल के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी उपलब्धियों के दस्तावेज प्रस्तुत किए. क्योंकि इसी तरह की उपलब्धियों के लिए हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2016 में उनकी बड़ी बहन गीता फोगाट को डीएसपी पद पर नियुक्त किया गया. गीता फोगाट के मामले का हवाला देते हुए बबीता ने तर्क दिया कि उनको भी डीएसपी के रूप में पदोन्नत किया जाना चाहिए.

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बबीता के अनुसार उनके पदोन्नति के लिए हरियाणा के खेल और युवा मामलों के विभाग के अधिकारियों ने कई बार दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए मांग की थी. बावजूद इसके उनकी फाइलें विभाग की धूल चाटती रही. काफी इंतजार के बाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.

जिसकी कम एचीवमेंट वो बने डीएसपी-

बबीता फोगाट ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि जिन खिलाडिय़ों की कम एचीवमेंट है आज वो अधिकारी बने हैं. यह उसके मंन में काफी सालों से टीश थी कि उसके साथ लगातार भेदभाव हो रहा है. मेरे साथ हमेशा नाइंसाफी होती रही और मैं इंतजार करती रही. वर्ष 2010 के बाद से ही उसके साथ भेदभाव होता रहा है. मैने कभी खेल को लेकर राजनिति नहीं की. हमेशा हर मेडल जीतने का इंतजार किया. फिर भी इंसाफ नहीं मिला. हारकर हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी.

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