बरोदा उपचुनाव: ओपी चौटाला का बयान- घर-घर जाकर करूंगा पार्टी का प्रचार

इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला
इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला

Baroda By-Election: इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला ने कहा- प्रदेश की सरकार से जनता ही नहीं बल्कि मंत्री भी नाखुश हैं.

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चंडीगढ़. इंडियन नेशनल लोकदल सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) ने बुधवार को चंडीगढ़ में अपने आवास पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का खुलकर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सरकार की वजह से देश की हालत बहुत खराब हैं. उन्होंने कहा कि हमारा कृषि प्रधान देश है और देश की अर्थवयवस्था कृषि पर आधारित है. किसान (Farmers) खुशहाल है तो देश खुशहाल है, किसान कंगाल है तो देश का बुरा हाल है.

चौटाला ने कहा कि आज देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है जिसमें हर वर्ग चाहे किसान है या कमेरा, व्यापारी है या कर्मचारी, कारखानेदार है या मजदूर, सभी परेशान हैं. आज हालत ये हैं कि प्रदेश की सरकार को हर महीने सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए कर्ज लेना पड़ता है. इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए काले कानूनों के खिलाफ हमारी पार्टी ने पूरे प्रदेश में धरने और प्रदर्शन किए हैं. अगले महीने 20 नवंबर को कुरूक्षेत्र में ‘किसान बचाओ रैली’ के नाम से विशाल रैली करने जा रहे हैं, उस रैली से प्रमाणित हो जाएगा कि लोग मौजूदा शासन से और बनाए गए कानूनों से कितना परेशान हैं.

54 गांवों में खुद जाएंगे



इस रैली में किसान संगठनों को न्योता देने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रैली में जो भी किसान संगठन पक्ष मेें होगा हम उनकी मिन्नत खुशामद कर के भी लाएंगे. उन्होंने कहा कि इनेलो अपना प्रत्याशी जल्द घोषित कर देगा. उन्होंने कहा कि वो स्वयं भी 23 अक्तूबर से एक हफ्ते का बरोदा हलके का दौरा करेंगे. इस दौरान वो हलके के सभी 54 गाँवों में जाएंगे और एक-एक मतदाता से खुला संपर्क करेंगे.
सरकार से जनता ही नहीं मंत्री भी नाखुश

उन्होंने कहा कि हमने अतीत में बहुत अच्छे निर्णय लिए हैं और भविष्य में भी ज्यादा अच्छे काम लोगों के लिए करेंगे. इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश की सरकार से जनता ही नहीं बल्कि मंत्री भी नाखुश हैं. एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार वो एक बीमार मंत्री से मिलने गए तो उसने बताया की डीएसपी और एसएचओ के तबादले भी मुख्यमंत्री करता है, उसके पास तो इतनी पॉवर भी नहीं है. यहां मंत्री की मुख्यमंत्री नहीं मानता और मुख्यमंत्री की कोई नहीं मानता.
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