हरियाणा में 'भारत बंद' : किसान नेता करते रहे बंद की अपील, बाजार को सुरक्षा देती दिखी पुलिस

अंबाला के बाजार में पुलिस गश्त करती हुई दिखी.

अंबाला के बाजार में पुलिस गश्त करती हुई दिखी.

पानीपत के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सड़कों पर बैठे हैं. शहर में एम्बुलेंस, सेना की गाड़ी और सब्जी वाले वाहन को छोड़कर किसी को भी नहीं गुजरने दिया गया है.

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  • Last Updated: March 26, 2021, 5:11 PM IST
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टीम न्यूज18 हिंदी

चंडीगढ़. केंद्र सरकार के नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को आज चार महीने हो गए. इस मौके पर किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है. हरियाणा में इस बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला. अंबाला में किसान आंदोलन के नेता बाजारों में घूम-घूम कर दुकानें बंद रखने की अपील करते देखे गए, वहीं बाजार में पुलिस भी घूमती नजर आई. पुलिस अधिकारियों का कहना था कि किसी को जबर्दस्ती बाजार बंद करवाने नहीं देंगे. बंद के मुद्दे पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन करना हर नागरिक का अधिकार है, इससे हम सहमत हैं. पानीपत, नूंह और मेवात से भी बंद का मिला-जुला असर रहने की खबर आई है.

अंबाला में ट्रेनें और हाइवे बंद

अंबाला के संवाददाता ने बताया कि ट्रेन और हाइवे तो बंद हैं, लेकिन बाजार पर बंद का मिला-जुला असर दिखा. अंबाला में कुछ दुकानें बंद रहीं और ज्यादातर दुकानें खुली रहीं. हरियाणा किसान यूनियन के नेता लगातार बाजार में घूम-घूम कर दुकानदारों से समर्थन की अपील करते नजर आए. वहीं पुलिस भी बाजारों में नजर आई. यहां पुलिस अधिकारियों का कहना था कि न किसी से जबरदस्ती बाजार बंद खोलने को कहेंगे और न ही किसी को जबरदस्ती बाजार बंद करवाने देंगे. एसएचओ विजय का कहना है कि बाजारों पर किसी को जबरदस्ती नहीं करने देंगे.
शांतिपूर्वक आंदोलन हर नागरिक का अधिकार : अनिल विज

किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज बोले कि शांतिपूर्वक आंदोलन करना हर नागरिक का अधिकार है. इससे हम सहमत हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन रखेंगे. किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा. वहीं राहुल गांधी के ट्वीट पर गृह मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी परिवार का एक ही काम है - देश की शांति भंग करना है.

किसानों ने सड़कों पर लगाया जाम



पानीपत के संवाददाता ने बताया कि यहां ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सड़कों पर बैठे हैं. शहर में एम्बुलेंस, सेना की गाड़ी और सब्जी वाले वाहन को छोड़कर किसी को भी नहीं गुजरने दिया गया है. पानीपत जीटी से गुजरने वाले काफी यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. सुरक्षा के मद्देनजर पानीपत टोल प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा. संवाददाता ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने किसानों व मजदूर संगठनों के साथ पानीपत टोल प्लाजा, समालखा, मतलोडा के सभी रास्तों पर धरना दे आने-जाने वाले सभी वाहनों को रोक दिया. किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापिस ले अन्यथा किसान अपना धरना जारी रखेंगे.

दो सुपरफास्ट ट्रेनें पानीपत में रोकी गईं

आज पानीपत में मालवा व स्वराज दो सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव हुआ. पानीपत स्टेशन मास्टर द्वारा अगले आदेश तक दोनों गाड़ियों को पानीपत स्टेशन पर ही रोक लिया गया. दोनों ट्रेनों के यात्रियों को पानीपत स्टेशन पर रोके जाने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मालवा एक्सप्रेस में मध्य प्रदेश से आ रहे दिव्यांग खिलाड़ी भी थे. वे खुद ट्रेन से बाहर नहीं उतर पा रहे थे, जिस वजह से उन्हें काफी परेशानी हुई.

दिव्यांग खिलाड़ियों को हुई परेशानी

मध्य प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट टीम के वाइस कैप्टन दीपक ने कहा कि गाड़ी को सुबह 7:30 बजे करनाल पहुंचना था. लेकिन ट्रेन पिछले कई घंटों से पानीपत स्टेशन पर खड़ी है. दिव्यांग कोच प्लेटफार्म से बाहर लगी होने के कारण खिलाड़ियों को आने-जाने के लिए भी परेशानी हो रही थी. खाना-पानी देने वाले यहां पर नहीं आ रहे थे. इन सभी खिलाड़ियों को आज ही रिपोर्ट करनी थी.

नूंह मेवात में बंद का मिलाजुला असर

संवादताता ने बताया कि नूंह मुख्यालय पर भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. बता दें कि तावडू बाईपास रोड के अलावा नायब वाली गली व नूंह शहर में भी किसानों के समर्थन में कुछ दुकानें बंद रहीं. पुन्हाना, पिनगवां, फिरोजपुर और झिरका में बाजार खुला देखा गया. संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य तौसीफ हींगनपुरिया ने कहा कि भारत बंद में मेवात भी पीछे नहीं है. तावडू रोड बाईपास के समीप दुकानें बंद रहीं.
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