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Exclusive: अनिल विज का भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तंज, बोले- पहले अपनी पार्टी का विश्वास हासिल करें, तब लाएं अविश्वास प्रस्ताव

Exclusive: अनिल विज का भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तंज, बोले- पहले अपनी पार्टी का विश्वास हासिल करें, तब लाएं अविश्वास प्रस्ताव

G-23 गुट के कांग्रेसी नेताओं द्वारा भगवा टोपी पहने जाने पर अनिल विज ने तंज किया. (फाइल फोटो)

G-23 गुट के कांग्रेसी नेताओं द्वारा भगवा टोपी पहने जाने पर अनिल विज ने तंज किया. (फाइल फोटो)

Haryana News: हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने न्‍यूज़ 18 से खास बातचीत में राज्‍य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि हुड्डा जो करना चाहें कर सकते हैं, लेकिन वह चारो खाने चित होंगे.

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    रवि मिश्रा

    चंडीगढ़. केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों (Agricultural Laws) को लेकर देश में घमासान मचा हुआ है. पंजाब, हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश समेत कई राज्‍यों के किसान पिछले काफी समय से दिल्‍ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. यही नहीं, कांग्रेस कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए किसान आंदोलन का खुला समर्थन कर रही है, तो भाजपा ने भी इस कानून के बारे में किसानों सही जानकारी देने में पूरा जोर लगा दिया है. इस वजह से कांग्रेस (Congress) और भाजपा में जोरदार तकरार देखने को मिल रही है. वहीं, कांग्रेस ने हरियाणा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान कर दिया है. इस बीच हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने न्‍यूज़ 18 से खास बातचीत में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है.

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) पर हमला बोलते हुए विज ने कहा कि वह पहले अपने पार्टी का विश्वास हासिल करें. उनकी पार्टी का साथ उनके पास नहीं है. एक राइट मुंह कर के बैठता है तो दूसरा अपना मुंह लेफ्ट में रखता है. यही नहीं, उनके लोग एक साथ मंच साझा नहीं करते. साथ ही दावा किया कि हुड्डा जो करना चाहें कर सकते हैं, लेकिन वह चारो खाने चित होंगे. बता दें कि हुड्डा ने मनोहर लाल खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान कर दिया है.

    किसान आंदोलन पर कही यह बात
    हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. भारत एक प्रजातंत्र देश हैऔर सबको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए. विरोध करते हुए आम आदमी के अधिकारों पर उसका असर नहीं पड़ना चाहिए. किसान आंदोलन लंबा चलने पर विज ने कहा कि हमारे दरवाजे खुले हैं. जबकि पीएम मोदी ने भी कह दिया कि एक टेलीफोन कॉल पर दूरी पर हूं. किसान 2 अक्टूबर तक की योजना बना रहे हैं. इसका मतलब किसान नहीं चाहते हैं इसका कोई समाधान निकले. यह किसान नेताओं की वजह से सारा डिले हो रहा है.

    इसके अलावा विज ने कहा कि किसी को भी देश विरोध करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. हमारे देश की एजेंसियां इस पर काम कर रही हैं. यह लोग किसके इशारे पर काम कर रहे हैं, यह पता लगाना जरूरी है. सरकार के मुद्दों का विरोध हो सकता है मगर देश विरोध करने का इजाजत नहीं है. अगर आप देश विरोध करने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साथ घात करते हैं तो यह देशद्रोह की श्रेणी में आता है.

    अनिल विज ने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से हुई बातचीत के बाबत कहा कि हरियाणा की राजनीतिक स्थिति पर विचार के साथ विकास कैसे हो इस पर चर्चा हुई है. इसके अलावा उन्‍होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी प्रदेश के मुद्दों की बात होगी.

    Tags: Agricultural laws, Anil Vij, Bhupinder singh hooda, Bjp government, CM Manohar Lal Khattar, Congress, Kisan Andolan

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