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Haryana Assembly Election 2019: BJP ने तय किए एजेंडे, इन चार मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव!

News18 Haryana
Updated: September 23, 2019, 8:06 AM IST
Haryana Assembly Election 2019: BJP ने तय किए एजेंडे, इन चार मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव!
हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी चार प्रमुख मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में जा सकती है. (फाइल फोटो)

हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) की तारीखों का ऐलान हो चुका है. बताया जा रहा है कि राज्य में दूसरी बार सत्ता में वापसी करने के लिए BJP ने अपनी चुनावी रणनीति (Election Strategy) भी बना ली है.

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चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) की तारीखों का ऐलान हो चुका है. इसे देखते हुए सभी दल अपनी-अपनी रणनीति के मुताबिक चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. कांग्रेस (Congress) ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के दिग्गज नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) को कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया है. विपक्ष के इस फैसले से बीजेपी (BJP) को एक और मौका मिल गया है. बीजेपी इस चुनाव में जिन चार मुद्दों के साथ हरियाणा की जनता के बीच जा सकती है, उसमें भ्रष्टाचार (Corruption) के साथ बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) जैसे मसलों को शामिल किया जा सकता है.

हुड्डा को कैंपेन कमेटी का हेड बनाने के फैसले से बीजेपी के लिए कांग्रेस को घेरना आसान हो गया है. हुड्डा के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामलों में जांच चल रही है. उनके खिलाफ एक मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है. भ्रष्टाचार के अलावा हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी पाकिस्तान में किए गए बालाकोट एयर स्ट्राइक, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और राष्ट्रवाद के मुद्दे के साथ जाने की तैयारी में है.

भ्रष्टाचार के मामले में हुड्डा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
बीजेपी की रणनीति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बात करते हुए हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू कहते हैं, 'हुड्डा पर भ्रष्टाचार का आरोप है और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई है. वह बेल पर बाहर हैं. चुनाव का नेतृत्व करने का उनके पास नैतिक अधिकार नहीं है.' इसके साथ कैप्टन अभिमन्यु ने कहा, 'वह (हुड्डा) सोनीपत से बड़े अंतर से चुनाव हार चुके हैं. उनके पुत्र दीपेंद्र को भी रोहतक से लोकसभा चुनाव में शिकस्त मिली.'

Bhupinder Singh Hooda
कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनाव प्रचार अभियान की कमान सौंपी है. (फाइल फोटो)


बीजेपी का फोकस नॉन जाट वोट पर
इसके साथ ही बीजेपी राज्य में नॉन जाट वोट पर फोकस कर रही है. फिलहाल जाटों का वोट हुड्डा, आईएनएलडी और दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के बीच बंटा हुआ है. आईएनएलडी और जेजेपी में पारिवारिक मतभेद चल रहे हैं, इसका भी असर चुनाव में देखने को मिल सकता है.
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स्थानीय मुद्दों को भी उठाएगी बीजेपी
चार मुद्दों के अलावा राज्य के स्थानीय मामलों को भी पार्टी अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करेगी. कैप्टन अभिमन्‍यु बताते हैं, 'सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार सरकार के नाम पर जनता से वोट मांगेंगे. हमने परिवारवाद की राजनीति को उखाड़ फेंका है. पहले सिर्फ सीएम के जिले में विकास की परियोजनाएं जाती थीं. अब विकास का काम पूरे राज्य में हो रहा है.'

मनोहर सरकार की छवि साफ
हरियाणा में पहले की सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन मनोहर लाल खट्टर की सरकार पर अब तक करप्शन का कोई आरोप नहीं लगा है. वहीं, राष्ट्रवाद बीजेपी के लिए वोट हासिल करने का सबसे बड़ा मुद्दा होगा. अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस के स्टैंड पर भी पार्टी सवाल उठाएगी और जनता के बीच इसे मुद्दा बना सकती है.

दलित वोटर्स बीजेपी के लिए चिंता
वर्ष 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक और इस साल का एयर स्ट्राइक भी बीजेपी के लिए बड़ा मुद्दा होगा. पार्टी इन्हें चुनाव के समय जोर-शोर से उठाएगी. हालांकि, बीजेपी के लिए दलित वोट एक चिंता का विषय है. कांग्रेस ने अशोक तंवर की जगह कुमारी शैलजा को प्रदेश की कमान सौंपी है. राम रहीम के खिलाफ खट्टर सरकार के फैसले भी परेशानी का सबब बन सकते हैं, क्योंकि राम रहीम के ज्यादातर फॉलोवर दलित ही हैं.

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First published: September 23, 2019, 7:24 AM IST
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