कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद पूर्व CM हुड्डा और उनकी पत्नी को अस्पताल से मिली छुट्टी

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनकी पत्‍नी का गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा था (फाइल फोटो)

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनकी पत्‍नी का गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा था (फाइल फोटो)

पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कोरोना संक्रमण (Corona Virus) से ठीक होने के बाद लोगों से सावधानी बरतने के साथ ही बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की. उन्होंने कहा कि महामारी के चलते परिस्थिति काफी चिंताजनक है लेकिन घबराने के बजाय बचाव करने की आवश्यकता है

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चंडीगढ़. कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hudda) और उनकी पत्नी आशा हुड्डा को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. हुड्डा और उनकी पत्नी बीते 18 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) पाए गए थे, जिसके बाद उनका गुरुग्राम (Gurugram) के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था. शनिवार को ठीक होने के बाद 73 वर्षीय हुड्डा ने कहा, 'मेरी सेहत में सुधार है. डॉक्टरों ने सावधानी के तौर पर मुझे कुछ दिन तक घर में पृथक-वास में रहने की सलाह दी है.'

पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से सावधानी बरतने के साथ ही बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की. उन्होंने कहा कि महामारी के चलते परिस्थिति काफी चिंताजनक है लेकिन घबराने के बजाय बचाव करने की आवश्यकता है.

हुड्डा ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वो मरीजों को अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाएं उपलब्ध कराए.

संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील, गर्भवती, दिव्यांगों को नहीं बुलाया जाएगा काम पर
वहीं, कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच हरियाणा सरकार ने संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील, गर्भवती और दिव्यांग कर्मचारियों को काम पर नहीं बुलाने का निर्णय लिया है. आवश्यक सेवा में शामिल होने पर भी इन्हें छूट दी गई है. शनिवार को सरकार ने इसकी जानकारी दी.

सरकारी निर्णय के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ऐसे लोग घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) कर सकते हैं बशर्ते कि उनके पास आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद हो. सरकारी बयान में कहा गया है कि उपरोक्त कर्मचारियों को यह छूट अगले आदेश तक जारी रहेगी.

बयान में यह भी कहा गया है कि संक्रमण के मामलों को देखते हुये तनाव, रक्तचाप, दिल या फेफड़े की बीमारी, कैंसर और अन्य ऐसे बीमारियों से पीड़ित कर्मचारी जिनकी उम्र 50 साल या उससे अधिक है और जिन्हें संक्रमण का उच्च जोखिम है, उन्हें किसी ऐसे काम में नहीं लगाया जायेगा जहां जनता के साथ सीधा संपर्क करने की जरूरत पड़ती है. साथ ही इसमें कहा गया है, इसी प्रकार सभी नियमित, ठेके पर, आउटसोर्स से, दैनिक या एडहॉक पर काम करने वाली सभी गर्भवती महिलाओं को भी घर से काम करने का सुझाव दिया गया है. (भाषा से इनपुट)
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