हरियाणा के हर जिले में नियुक्त होंगे DTO, ट्रांसपोर्ट ऑफिसेज में भ्रष्टाचार करने वाले 250 बिचौलियों की सूची तैयार

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में भ्रष्टाचार करने वाले बिचौलियों की सूची तैयार कर ली है.
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में भ्रष्टाचार करने वाले बिचौलियों की सूची तैयार कर ली है.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने कहा कि जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी (DTO) के पद पर सरकार किसी भी क्लास वन अधिकारी की नियुक्ति कर सकती है. इसमें एचसीएस, आईएएस, आईपीएस या वन सेवा के अधिकारी भी हो सकते हैं.

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चंडीगढ़. हरियाणा में ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (Transport Authority) में बड़ा बदलाव किया गया है. इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. अब राज्य के सभी जिलों में जिला ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (DTO) नियुक्त किये जाएंगे. ये सिर्फ यातायात संबंधी काम को देखेंगे. इससे पहले यह चार्ज अतिरिक्त जिला उपायुक्त के पास होता था.

शनिवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी के पद पर सरकार किसी भी क्लास वन अधिकारी की नियुक्ति कर सकती है. इसमें एचसीएस, आईएएस, आईपीएस या वन सेवा के अधिकारी भी हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में भ्रष्टाचार करने वाले बिचौलियों की सूची तैयार कर ली है. नियुक्त होते सभी जिलों के ट्रांसपोर्ट ऑफिसर को यह सूची दे दी जाएगी. इसके अलावा जरूरत पड़ी तो यह सूची आरटीओ कार्यालय में चस्पा दिया जाएगा. ऐसे बिचौलिये पूरे प्रदेश में करीब ढाई सौ हैं.



मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारियों की जिम्मदारी शहरों में बनने वाली पार्किंग का रखरखाव, बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था करना, पार्किंग के लिए जमीन की पहचान करना होगी. इसके अलावा रोड किनारे खड़े होने वाले वाहनों की चेकिंग भी डीटीओ करेगा. शहरों में माल की लोडिंग, अनलोडिंग को लेकर यदि कोई दिक्कत है तो उसका भी समाधान डीटीओ ही करेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दलाल, ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर और कारिंदे आरटीए के अधिकारियों की आवाजाही पर नजर रखते हैं. लेकिन अब सरकार इन लोगों को सख्त संदेश देगी. यदि इन लोगों ने कुछ किया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट देने में भ्रष्टाचार व्याप्त है. अब तक कमर्शियल वाहनों की फिटनेस चेकिंग मैनुअली होती है. लेकिन अब सरकार ने इस खेल को बंद करने का फैसला कर लिया है. रोहतक में सरकार ने कॉमर्शियल वाहनों की जांच के लिए इंस्पेक्ट और सर्विसिंग सेंटर बनाया है. इसके अलावा डेढ़ सौ करोड़ की लागत से प्रदेश के 6 जिलों में भी यह सेंटर बनाये जाएंगे. जिनमें अंबाला, करनाल, हिसार, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी शामिल हैं. इन केंद्र के बन जाने के बाद कंडम वाहनों की इलेक्ट्रॉनिकली जांच कर ही फिटनेस सर्टिफिकेट मिलेगा. इससे कंडम वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी.

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में होने वाले फर्जीवाड़े पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने हरियाणा के 11 जिलों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने का फैसला किया है. इसके बाद ड्राइविंग टेस्ट लाइसेंस लेने वाले शख्स को पूरी टेस्टिंग से गुजरने के बाद ही लाइसेंस मिलेगा. सरकार ने 30 करोड़ रुपए की लागत से कैथल, बहादुरगढ़, रोहतक, फरीदाबाद, नुहं, भिवानी, करनाल, रेवाड़ी सोनीपत, पलवल और यमुनानगर में यह ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने का फैसला किया है. अगले एक साल के दौरान ये बनकर तैयार हो जाएंगे.

वाहनों की ओवर लोडिंग पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक हरियाणा में कहीं पर भी धर्मकांटा से बनी पर्ची से काम चल जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सरकार ने 45 ऑटो पोर्टेबल स्केल खरीदे हैं जो कहीं पर भी सड़क पर लगाए जाएंगे. जिस पर वाहन के दोनों टायरों के आते ही उसकी वजन का पता चल जाएगा. अगर सरकार का यह प्रयास सफल रहा तो प्रदेश के हर नाके और हर सड़क पर इस तरह के पोर्टेबल स्केल स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा सरकार ने माइनिंग वाहन के सॉफ्टवेयर ई रवाना और ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सॉफ्टवेयर को भी एक दूसरे से जोड़ने का फैसला किया है. जिसके बाद हर वाहन के वजन की जानकारी ट्रांसपोर्ट विभाग को भी होगी. यदि कहीं ओवरलोडिंग हुई तो कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अक्सर चेकिंग के दौरान विभाग पर मिलीभगत या फिर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाते हैं. लेकिन अब सरकार ने आदेश दिया है कि चेकिंग पर जाने वाले टीम के सभी सदस्यों के पास बॉडी कैमरा होगा और सारी कार्रवाई कैमरा के समक्ष होगी. जिससे भ्रष्टाचार में भी कमी आएगी.
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