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हरियाणा में धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक का क्या है मकसद? CM खट्टर ने समझा दिया

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि समय-समय पर चीजों में परिवर्तन होता है

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि समय-समय पर चीजों में परिवर्तन होता है

Haryana news: मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल में 6 जिलों में धर्म परिवर्तन 127 एफआईआर दर्ज हुई. यमुनानगर, पानीपत, गुरुग् ...अधिक पढ़ें

    चंडीगढ़. हरियाणा (Haryana) में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून जल्द अस्तित्व में आ जाएगा. मंगलवार को प्रदेश सरकार ने हरियाणा विधिविरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक, 2022 विधानसभा में पारित करा लिया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने कहा कि हरियाणा विधिविरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक, 2022 का मकसद क्राइम करने वालों में भय बैठाना है.

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि समय-समय पर चीजों में परिवर्तन होता है. कई बार किसी गंभीर मामले में आईपीसी होने के बावजूद बी एक्ट बनाए जाते हैं, ताकि अपराध करने वालों को डर रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मर्जी से जो मर्जी धर्म परिवर्तन करे लेकिन जबरदस्ती किसी के साथ ऐसा नहीं होने दिया जाएगा.

    धोखे से या किसी तरह का लालच देकर अगर धर्म परिवर्तन करवाय जाएगा तो उन पर कार्रवाई होगी. इस विधेयक का मकसद जबरदस्ती होने वाले धर्म परिवर्तन को कंट्रोल करना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल में 6 जिलों में धर्म परिवर्तन 127 एफआईआर दर्ज हुई. यमुनानगर, पानीपत, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद में धर्म परिवर्तन के मामले ज्यादा देखने को मिले हैं. इस वजह से विधेयक लाया गया है.

    मुख्यमंत्री ने चंगाई सम्मेलन, ग्लोबल पीस जैसे एनजीओ समेत प्रदेश से जुड़े कई उदाहरण देकर जबरदस्ती होने वाले धर्म परिवर्तन के मामले को उठाया. मुख्यमंत्री ने इस विधेयक हरियाणा के साथ-साथ देश हित में बताया. बता दें कि सरकार ने जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध विधेयक में कड़े प्रावधान किए हैं. राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधेयक के कानून बनते ही अधिसूचना जारी हो जाएगी. जबरन धर्मांतरण साबित होने पर अधिकतम दस साल कैद व न्यूनतम पांच लाख रुपये जुर्माना होगा.

    Tags: CM Manohar Lal Khattar, Haryana news

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