कर्मचारी सरकार की विनम्रता को कमजोरी ना समझें : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

सीएम ने रोडवेज के नेताओं पर साफ किया कि उन्होंने एफिडेविट देकर कहा था की किलोमीटर स्कीम से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. जबकि, हाईकोर्ट के आदेश पर हटाए गए कच्चे कर्मचारियों के लिए ही सुप्रीम कोर्ट जाने पर भी ज़ोर दिया.

News18 Haryana
Updated: September 11, 2018, 10:54 AM IST
कर्मचारी सरकार की विनम्रता को कमजोरी ना समझें : मुख्यमंत्री मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
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Updated: September 11, 2018, 10:54 AM IST
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का सोमवार को दूसरा दिन हंगामेदार रहा. विपक्ष ने कर्मचारियों और एसवाईएल के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा किया तो वहीं मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के प्रदर्शन पर बड़ा बयान देते हुए कहा की सरकार की विनम्रता को कमजोरी ना समझें.

सीएम ने रोडवेज के नेताओं पर साफ किया कि उन्होंने एफिडेविट देकर कहा था की किलोमीटर स्कीम से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. जबकि, हाईकोर्ट के आदेश पर हटाए गए कच्चे कर्मचारियों के लिए ही सुप्रीम कोर्ट जाने पर भी ज़ोर दिया.

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सीएम के बयान से साफ संकेत है की हाईकोर्ट के आदेश पर प्रभावित कर्मचारियों के लिए फिलहाल कोई बिल नहीं आ रहा. पेट्रोल औऱ डीज़ल के हड़े हुए दामों को लेकर सीएम ने गेंद केंद्र के पाले में डाली औऱ कहा जो मुमकिन होगा किया जाएगा. सदन में हुए हंगामे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने हमला बोलते हुए कहा की विपक्ष की आदत व्यवधान डालना है.

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सदन में एएनएम और जीएनएम की छात्राओं के मुद्दें पर भी जमकर हंगामा हुआ. ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर किरण चौधरी ने विषय को उठाया और छात्राओं के भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ ना करे इसके लिए अपनी बात रखी. वहीं नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी. कुलदीप शर्मा ने विज को झूठा मंत्री करार दिया और पीजीआई में दिमागी हालात ठीक कराने की नसीहत दी.
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