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चंडीगढ़: कृषि बिलों के खिलाफ सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

चंडीगढ़: कृषि बिलों के खिलाफ सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

कृषि अध्यादेशों के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता.

कृषि अध्यादेशों के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता.

तीनों कृषि कानूनों (Agricultural Laws) के खिलाफ सोमवार को हरियाणा कांग्रेस (Haryana Congress) ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया. इसके बाद कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को ज्ञापन सौंपा.

  • News18Hindi
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चंडीगढ़. हरियाणा कांग्रेस (Haryana Congress) ने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को ज्ञापन सौंपा. इससे पहले कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और विधायक चंडीगढ़ प्रदेश मुख्यालय पर एकजुट हुए, जहां से जुलूस की शक्ल में राजभवन के लिए निकले, लेकिन 100 मीटर चलते ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उनका रास्ता रोक दिया. चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh Police) ने आंसू गैस और वाटर कैनन का भी इंतजाम कर रखा था. जैसे ही कांग्रेस का शिष्टमंडल प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा (Kumari Selja) के नेतृत्व में बैरिकेट्स के पास पहुंचा तो पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया. इसके बाद काफी देर तक गहमागहमी होती रही. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार पर आवाज दबाने का आरोप भी लगाया.

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इसके बाद में कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेता राज्यपाल महामहिम सत्यदेव नारायण आर्य को ज्ञापन देने पहुंचे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा, नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, वीरेंद्र राठौड़ कैप्टन और अजय यादव शामिल थे. ज्ञापन सौंपने के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के बाद देश के किसानों में जो बीजेपी सरकार के खिलाफ आक्रोश दिख रहा है, वो उसके समर्थन में आज राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने गए थे. ज्ञापन में उन्होंने तीनों कृषि कानूनों में बदलाव के बिंदुओं के बारे में राज्यपाल को अवगत करवाया है. इस दौरान सभी कांग्रेसी नेताओं ने बारी-बारी से राज्यपाल के सामने अपनी बात रखी.

तीनों बिलों पर आशंकाओं को दूर करे सरकार
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि राज्यपाल भी कांग्रेस की आशंकाओं से सहमत दिखे हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर होने कर कारण कुछ नहीं कहा, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण उन्होंने जरूर दिखाया. उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र की एनडीए सरकार तीनों कृषि कानूनों को लेकर उनकी शंकाओं को दूर नहीं करेगी तब तक  आंदोलन करते रहेंगे.

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इस मौके पर मौजूद हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहा कि तानों कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस निरंतर जनसंपर्क अभियान चलाए चला रही है. पार्टी के विधायक और वरिष्ठ नेता किसानों से मिलकर उनको तीनों कृषि कानूनों के बारे में बता रहे हैं. कुमारी शैलजा ने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर को कांग्रेस की तरफ से हरियाणा में जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा, क्योंकि यह दोनों दिन महत्वपूर्ण हैं. इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था. राष्ट्रपिता ने गरीबों की आवाज उठाई थी. वहीं शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था, लेकिन आज सभी लोग इस सरकार से परेशान हैं.

बीजेपी पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है
बीजेपी की तरफ से कांग्रेस पर किसानों के कंधे का इस्तेमाल करने के आरोपों पर कुमारी शैलजा ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें मौका ही क्यों दिया. यदि बीजेपी तीनों कृषि कानूनों में न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देती तो कांग्रेस सड़कों पर नहीं उतरती. बीजेपी का मकसद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना और अन्नदाता को खत्म करना है. हाल ही में समाप्त हुई संसद के सत्र में 4 लेबर कोड पास होने पर शैलजा ने मजदूर विरोधी कदम बताया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने केवल किसान विरोधी है बल्कि श्रमिक विरोधी भी है, जिस तरीके से सरकार ने सालों पुराने  2 दर्जन से अधिक श्रम कानूनों को खत्म कर कर चार कानून लागू किए हैं, उससे साफ होता है कि बीजेपी सिर्फ और सिर्फ पूंजीपतियों के पक्ष में है.

Tags: Congress, Farmers Protest, New Farm Bill, Politics

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