पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर दीपेंद्र हुड्डा ने सुनाया तुलसीदास का दोहा, सरकार पर कसा तंज

दीपेंद्र हुड्डा ने मोदी सरकार पर भी साधा निशाना

दीपेंद्र हुड्डा ने मोदी सरकार पर भी साधा निशाना

दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) ने कहा कि किसान (Farmer) की आय दोगुना करने का वादा किया गया, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिख रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 11:36 AM IST
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चंडीगढ़. राज्यसभा में दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) ने पेट्रोल डीजल (Petrol Diesed) के बढ़ते दामों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. पेट्रोल-डीजल पर वसूले जा रहे टैक्स को लेकर हुड्डा ने तुलसीदास का एक दोहा सुनाते हुए कहा कि बरसत हरसत सब लखें, करसत लखे न कोय. तुलसी प्रजा सुभाग से, भूप भानु सो होय'. इसका अर्थ है राजा को कर ऐसे लेना चाहिए कि जनता को पता नहीं चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां इसके उलट हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार को जब कर लेना होता है तो ऐसे लेते हैं कि जेब पर भारी चोट पड़ती है. ऐसा कि जिससे वर्ल्ड रिकॉर्ड बन जाते हैं. जैसे डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के ऊपर दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स आप ले रहे हैं. जब देना होता है तो ऐसे देते हैं जैसे आपने कोरोना में 20 लाख करोड़ का पैकेज दिया. आज तक उस पैकेज का क्या हुआ? किस घर में कितना पहुंचा पता ही नहीं चला.



दीपेंद्र हुड्डा जब ये कहते हुए सरकार पर निशाना साध रहे थे, तब सत्ता पक्ष की ओर से उनका जमकर विरोध किया गया और सदन में हंगामा भी हुआ. लेकिन दीपेंद्र हुए लगातार सरकार पर बरसते रहे. ज्यसभा में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि किसान की आय दोगुना करने का वादा किया गया, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिख रहा है. देश में टैक्स भरने की संख्या भले ही बढ़ रही हो, लेकिन जीडीपी में डिमांड नहीं है क्योंकि आम आदमी की जेब में कुछ पैसा बच ही नहीं रहा है.
बता दें किसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014 में पेट्रोल पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty) 9.48 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर था. यह शुल्क अब बढ़कर 32.90 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इसी तरह डीजल पर साल 2014 में केन्द्रीय उत्पाद शुल्क 3.56 रुपये प्रति लीटर लग रहा था, जो अब बढ़कर 31.80 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है.
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