हरियाणाः ऐसे कैसे जीतेंगे कोरोना से जंग? CM खट्टर के आदेशों के बावजूद नहीं हो रही बेड्स की व्यवस्था

मुख्यमंत्री खट्टर ने 26 अप्रैल को अधिकारियों को जारी किए थे 500 बेड की व्यवस्था के आदेश

COVID-19: गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला (MLA Sudhir Singla) अब 800 से 900 बेड्स के अस्थाई अस्पताल (Temporary Hospital) की व्यवस्था की बात तो कर रहे हैं, लेकिन इन अस्पतालों ने मेडिकल स्टाफ कहां से आएगा , इसको लेकर कोई प्लान विधायक के पास मौजूद नहीं है.

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गुरुग्राम. साइबर सिटी गुरुग्राम (Gurugram) पर 'आगे दौड़-पीछे छोड़' वाली कहावत चरितार्थ होती दिखाई दे रही है. दरअसल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने गुरुग्राम में लगातार चिंताजनक होती स्थिति को लेकर कोरोना संबंधी तैयारियों की कमान खुद संभाली थी. एक्शन मोड़ में आकर उन्होंने बीती 26 अप्रैल को अधिकारियों से मीटिंग कर एक हफ्ते में 500 बेड्स की व्यवस्था करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.

गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला अब 800 से 900 बेड्स के अस्थाई अस्पताल की व्यवस्था की बात तो कर रहे हैं, लेकिन इन अस्पतालों ने मेडिकल स्टाफ कहां से आएगा इसको लेकर कोई प्लान विधायक के पास मौजूद नहीं है. ऐसे में कैसे महामारी से जारी जंग से पार पाएंगे, यह भी बड़ा सवाल बनता जा रहा है.

बेड्स के साथ ऑक्सीजन सप्लाई भी चुनौती
वहीं अधिकारियों ने भी सीएम साहब को एसजीटी यूनिवर्सिटी में 100 बेड्स की व्यवस्था, एम3एम बिल्डर्स की मदद से 100 बेड्स की व्यवस्था के साथ-साथ साइबर सिटी के गवर्मेंट कॉलेज में 80 बेड्स की व्यस्था जैसी व्यवस्था के बारे में बताया तो, लेकिन सीएमओ ने भी माना कि बेड्स के साथ ऑक्सीजन सप्लाई (Oxygen Supply) भी चुनौती बनी हुई है.

वहींं अगर इन अस्थाई अस्पतालों में बेड्स की व्यवस्था और ऑक्सीजन की सप्लाई हो भी गई तो भी इसमे से वेंटिलेटर पर जाने वाले मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है और न ही किसी अस्पताल से टाइअप किया गया है. ऐसा गुरुग्राम विधायक खुद कह रह हैं.

जमीनी योजना, प्लान का अता-पता नहीं
यानी महामारी से जारी इस अति गंभीर मामले में क्या जमीनी योजनाएं और प्लान है, जिसके आधार पर लोगों को समय पर इलाज, ऑक्सीजन या वेंटिलेटर मुहैय्या करवाया जा सके. ऐसा प्लान न तो जिला प्रशासन के अधिकारियों के ही पास मौजूद ह न विधायक के पास और न ही मुख्यमंत्री खट्टर के पास?