हरियाणा विधानसभा चुनाव: मिलकर लड़ेंगी जेजेपी-बसपा, ये है सीटों का फॉर्मूला

जननायक जनता पार्टी (JJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने रविवार को ऐलान किया कि वे हरियाणा (haryana) में आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी. राज्य की 90 सीटों में से बसपा 50 सीटों पर और जेजेपी 40 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी.

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Updated: August 11, 2019, 9:54 PM IST
हरियाणा विधानसभा चुनाव: मिलकर लड़ेंगी जेजेपी-बसपा, ये है सीटों का फॉर्मूला
हरियाणा विधानसभा चुनाव: मिलकर लड़ेंगी जेजेपी-बसपा, ये है सीटों का फॉर्मूला. (फाइल फोटो)
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Updated: August 11, 2019, 9:54 PM IST
जननायक जनता पार्टी (JJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने रविवार को ऐलान किया कि वे हरियाणा (haryana) में आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी. जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के साथ नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में इस गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में बसपा 50 सीटों पर और जेजेपी 40 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी.

2019 के लोकसभा चुनाव में जेजेपी ने आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन किया था जबकि इंडियन नेशनल लोकदल, बसपा के साथ चुनाव मैदान में उतरा था. चौटाला ने कहा, ‘दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की कई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया कि जेजेपी और बसपा अगला विधानसभा चुनाव गठबंधन करके लड़ेंगी.’ मिश्रा ने कहा कि इस गठबंधन को पाटी सुप्रीमो मायावती का आशीर्वाद प्राप्त है. यह गठबंधन राज्य में इतिहास रचेगा.

अजय चौटाला ने छोटे भाई अभय चौटाला से मतभेदों के बाद बनाई जेजेपी
जेजेपी-बसपा गठबंधन की संभावनाओं के बारे में चर्चा करते हुए दुष्यंत ने कहा कि राज्य के सामाजिक ताने-बाने को राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार ने छिन्न-भिन्न कर दिया है. यह गठबंधन सुनिश्चित करेगा कि वह राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए समाज के सभी तबकों को साथ लेकर चले. जननायक जनता पार्टी, इनेलो से अलग हुआ धड़ा है जिसे अजय चौटाला ने अपने छोटे भाई अभय चौटाला के साथ मतभेदों के बाद बनाया था. अजय चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के कद्दावर नेता ओम प्रकाश चौटाला के जेल में पहुंच जाने के बाद अभय चौटाला ही इनेलो को चला रहे थे. अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत ने हिसार से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें नौकरशाह से नेता बने भाजपा के ब्रिजेंद्र सिंह से हार का सामना करना पड़ा था.

15 सालों से सत्ता से बाहर है इनेलो
पिछले साल तक इनेलो राज्य में मुख्य विपक्षी दल था लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद कई पार्टी विधायक एवं अन्य नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 47 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई. उसने कांग्रेस को हराया था जो दस सालों से सत्ता में थी. इनेलो 19 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरा. हरियाणा केंद्रित क्षेत्रीय दल इनेलो 15 सालों से सत्ता से बाहर है और जेजेपी के गठन के साथ ही पार्टी का बिखराव शुरू हो गया है.

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First published: August 11, 2019, 9:39 PM IST
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