मुझे यकीन नहीं होता, ओम प्रकाश चौटाला ने मेरे निष्कासन पर हस्ताक्षर किए होंगे : दुष्यंत

दुष्यंत सिंह चौटाला ने बड़ी भावुकता के साथ पार्टी में अपने योगदान का हवाला दिया उन्होंने कहा कि मैं महज 15 साल की उम्र में ही पार्टी के प्रचार में लग गया था.

Ankit Dudani | News18 Haryana
Updated: November 10, 2018, 3:50 PM IST
मुझे यकीन नहीं होता, ओम प्रकाश चौटाला ने मेरे निष्कासन पर हस्ताक्षर किए होंगे : दुष्यंत
दुष्यंत चौटाला फाइल फोटो
Ankit Dudani | News18 Haryana
Updated: November 10, 2018, 3:50 PM IST
इंडियन नेशनल लोकदल के बीच रस्साकशी तेज होती जा रही है. अभय चौटाला द्वारा राज्य कार्यकारणी बुलाए जाने और अपने विधायकों को लामबंद किए जाने के बाद अब दुष्यंत सिंह चौटाला भी मोर्चे पर आ गए हैं. हिसार के सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने शनिवार को चण्डीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी रणनीति का खुलासा किया.

उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को जींद में न्याय युद्ध रैली की जाएगी. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 7 अक्टूबर को गोहाना रैली में जो कुछ हुआ वो कार्यकर्ताओं के जज्बात थे और नारेबाजी के आरोप लगाकर मुझे पार्टी से निष्कासित किया गया. मुझे यकीन नहीं होता कि ओम प्रकाश चौटाला ने मेरे निष्कासन पर हस्ताक्षर किए होंगे.

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दुष्यंत सिंह चौटाला ने बड़ी भावुकता के साथ पार्टी में अपने योगदान का हवाला दिया उन्होंने कहा कि मैं महज 15 साल की उम्र में ही पार्टी के प्रचार में लग गया था. नरवाना चुनाव में मैंने घर घर जाकर प्रचार किया साक्षी दुष्यंत सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि पिछले 4 साल से हमें पार्टी में लगातार अपमानित किया जा रहा था. 7 अक्टूबर को रैली में मेरी और दिग्विजय की कोई जिम्मेदारी नही लगाई गई इससे पहले तमाम जिम्मेवारी दी जाती थी. हमें निरंन्तर पार्टी की जिम्मेवारी से अलग किए जाने की कोशिश की गई.

दुष्यंत ने कहा कि हमारे कार्यक्रम उनमें हरि चुनरी और युवा चौपाल में पार्टी पदाधिकारियों को जाने से रोका जाट था और उनको धमकाया जाता था. सस्पेंशन से लेकर टर्मिनेशन के फैसले पर ओपी चौटाला के हस्ताक्षर नही है और जब कमेटी की मीटिंग नही हुई तो ये साफ है बंद कमरे में कमेटी से हस्ताक्षर करवाए गए हैं. दुष्यंत सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा के पटल पर वो मुद्दे नही उठे और कई बार लगता है विधानसभा में बीजेपी की भाषा बोली जाती है.

दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा इनसो के संरक्षक अजय सिंह चौटाला है. उसे कोई भंग नही कर सकता. प्रकाश सिंह बादल से बातचीत के बारे में दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा कि बादल हमारे परिवार के ही मुखिया है. मेरी भी और अजय चौटाला की भी दीवाली के बाद प्रकाश सिंह बादल से बात हुई है. जींद में होने वाली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश के पद से जुड़े किसी भी पदाधिकारी पर कार्यवाही करने का पूरा अधिकार है.

सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने 17 नवंबर को जींद में न्याय युद्ध रैली के बहाने अपनी ताकत का एहसास करवाने के साथ-साथ अभय सिंह चौटाला समेत पार्टी के तमाम अपने विरोधियों पर कार्रवाई करने के संकेत भी दे दिए हैं. अब आने वाले समय में पार्टी में बड़ा घमासान मच सकता है.
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