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Exit Poll Result 2019: सर्वे के अनुसार चौधरी देवीलाल का गढ़ नहीं बचा पाएंगे अभय चौटाला

News18 Haryana
Updated: October 21, 2019, 8:40 PM IST
Exit Poll Result 2019: सर्वे के अनुसार चौधरी देवीलाल का गढ़ नहीं बचा पाएंगे अभय चौटाला
सर्वे में अभय चौटाला हार रहे चुनाव

2014 के चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जीत दर्ज कर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, तब भी ऐलनाबाद की जनता ने इनेलो की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे चौधरी देवीलाल के परिवार के अभय सिंह चौटाला को विजयी बनाकर विधानसभा में भेजा था.

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चंडीगढ़. सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट चौधरी देवीलाल (Chaudhary Devi Lal) के परिवार का गढ़ रहा है. यहां देवीलाल के परिवार से जिसने भी चुनाव लड़ा, जनता ने उसके सिर पर जीत का सेहरा बांधा. लेकिन इस बार अभय सिंह चौटाला (Abhay Singh Chautala) चौधरी देवीलाल का गढ़ बचाने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

सर्वे के अनुसार अभय चौटाला इस सीट से चुनाव हारते दिख रहे हैं. 2014 के चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज कर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, तब भी ऐलनाबाद की जनता ने इनेलो की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे चौधरी देवीलाल के परिवार के अभय सिंह चौटाला को विजयी बनाकर विधानसभा में भेजा था. लेकिन इस बार चौधऱी देवीलाल गढ़ बचता नजर नहीं आ रहा.

ऐलनाबाद सीट का इतिहास

ऐलनाबाद सीट से 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के केपी सिंह विधायक चुने गए थे. हालांकि 21वीं सदी की शुरुआत में कांग्रेस का यह गढ़ इनेलो के गढ़ में परिवर्तित हो गया. शुरुआती दौर के 1968 और 1991 के विधानसभा चुनावों को छोड़ दें तो चौधरी देवीलाल परिवार का हाथ रहा, विजयश्री उसी के हिस्से आई. 1977 से 2005 तक आरक्षित रही इस सीट पर चौटाल परिवार का कोई सदस्य भले ही चुनाव नहीं लड़ा लेकिन देवीलाल के परिवार के नाम पर भागीराम पांच बार इस सीट से विधायक रहे. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और आईएनएलडी प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला ने भी कई बार इस सीट की नुमाइंदगी की है.

अभय चौटाला ने संभाली विरासत

सन 2009 ओम प्रकाश चौटाला ने ऐलनाबाद के साथ ही उचाना सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों सीटों से चुनाव जीतने के बाद ऐलनाबाद सीट से इस्तीफा दे दिया. उपचुनाव में उनके पुत्र अभय सिंह चौटाला ने ऐलनाबाद की विरासत संभाली. वह मैदान में उतरे और चुनावी बाजी जीत कर विधानसभा पहुंचे. 2014 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अभय को चुनौती देने के लिए कभी उनके सहयोगी रहे पवन बेनीवाल को मैदान में उतारा और बेनीवाल ने टक्कर दी भी. चौटाला ने बेनीवाल को 11 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी थी.

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First published: October 21, 2019, 8:40 PM IST
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