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Haryana Exit Poll Result 2019: क्या हरियाणा बीजेपी के 'कैप्टन' दोहराएंगे जीत का इतिहास?

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 9:31 PM IST
Haryana Exit Poll Result 2019: क्या हरियाणा बीजेपी के 'कैप्टन' दोहराएंगे जीत का इतिहास?
हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष हैं सुभाष बराला

Haryana Exit Poll Result 2019: जाटलैंड की इस सीट पर पिछले 13 चुनावों में बीजेपी (BJP) कभी दूसरे नंबर पर भी नहीं आई थी, लेकिन 2014 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला (Subhash Barala) ने रचा था इतिहास. इस बार क्या होगा?

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  • Last Updated: October 21, 2019, 9:31 PM IST
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नई दिल्ली. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) के लिए वोटिंग पूरी हो चुकी है. छोटे-बड़े सभी चेहरों की किस्मत ईवीएम (EVM) में बंद हो चुकी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला (Subhash Barala) इस बार विधानसभा चुनाव जीतते हैं या नहीं, इसे लेकर टोहाना की जनता में चर्चा जारी है. फतेहाबाद जिले की टोहाना (Tohana) विधानसभा क्षेत्र से वो पार्टी उम्मीदवार हैं. इस सीट पर कांग्रेस (Congress) का बोलबाला रहा है. जाटलैंड (Jatland) की इस सीट पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और जाट नेता सुभाष बराला ने इतिहास रचा. उनकी जीत के साथ 2014 में यहां पर पहली बार फूल खिला था. देखना ये है कि वो दोबारा जीत दर्ज कर पाते हैं या नहीं.

यहां 1967 से अब तक हुए 13 चुनावों में सात बार सत्ता कांग्रेस के पास रही है. लेकिन कांग्रेस के इस गढ़ में भी इमरजेंसी के बाद कांग्रेस को करारा झटका देते हुए जनता पार्टी का प्रत्याशी विजयी हुआ था. यह हरियाणा की ऐसी सीट रही है, जहां एक बार कम्युनिस्टों की पार्टी सीपीएम (CPM) ने भी विजयश्री हासिल की है. बीजेपी (BJP) के हालात इस सीट पर कभी भी अच्छे नहीं थे. 2014 से पहले तक हुए चुनावों में बीजेपी कभी दूसरे नंबर पर भी नहीं आई थी.

1967 में अस्तित्व में आया टोहाना विधानसभा क्षेत्र नहरों की नगरी कहलाता है. इस सीट पर एक ही परिवार का दबदबा रहा है. इस सीट पर 7 बार एक ही परिवार के पिता पुत्र चुनाव जीते हैं. पांच बार स्वर्गीय हरपाल सिंह इस सीट से विधायक बने, जबकि लगातार दो बार 2004 और 2009 में उनके पुत्र परमवीर सिंह जीते. हरपाल सिंह चार बार कांग्रेस पार्टी व एक बार विशाल हरियाणा पार्टी की टिकट पर चुनाव जीते थे.

2019 के लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को कांग्रेस से ही कड़ी टक्कर मिली थी. 2014 के विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर भाजपा को जीत दिलवाने में डेरा सच्चा सौदा की भी अहम भूमिका बताई जाती थी. लेकिन इस बार डेरा ने अपने पत्ते नहीं खोले.

बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी वो रिकॉर्ड बनाएगी. वो इसलिए क्योंकि यहां के मौजूदा विधायक बराला प्रदेश अध्यक्ष हैं और प्रदेश में उसकी लहर मानी जा रही है.

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First published: October 21, 2019, 8:23 PM IST
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