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चौटाला परिवार में कलह, क्‍या दादा-पोते की लड़ाई में टूट जाएगी इनेलो

ओम प्रकाश चौटाला.

ओम प्रकाश चौटाला.

पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश चौटाला ने जैसे ही अपने पोतों दुष्‍यंत और दिग्विजय को बाहर किया वैसे ही दुष्‍यंत के सैकड़ों समर्थकों ने भी पार्टी से बगावत कर दी.

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    रामलाल कोंडल

    हरियाणा की राजनीति की अहम किरदार इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) पर अब अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. पारिवारिक मतभेदों ने पार्टी की एकजुटता की धज्जियां उड़ा दी हैं और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने अभी तक का सबसे बड़ा संकट है. पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश चौटाला ने जैसे ही अपने पोतों दुष्‍यंत और दिग्विजय को बाहर किया वैसे ही दुष्‍यंत के सैकड़ों समर्थकों ने भी पार्टी से बगावत कर दी. ज्‍यादातर बागी नेता पार्टी की जिला इकाइयों से जुड़े हुए थे.

    ओम प्रकाश चौटाला के फैसले के विरोध में जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी उनमें काफी सारे बड़े नाम भी हैं. जैसे- वरिष्‍ठ राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष जसविंदर खैरा, राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष राजेश धुल, राज्‍य सचिव मन्‍नु मान और राज्‍य प्रवक्‍ता बलराज देशवाल, विवेक चौधरी और अरविंद भारद्वाज. इन घटनाओं को ज्‍यादा तूल न देते हुए पार्टी के राज्‍य सचिव आरएस चौधरी ने कहा कि इनेलो मजबूत है.

    उन्‍होंने कहा, 'केवल युवाओं और अलग-अलग मोर्चों के सदस्‍यों ने ही पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है. ये सब इंडियन नेशनल स्‍टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन के हिस्‍सा थे और इसे पहले ही भंग किया जा चुका है. इसलिए तकनीकी रूप पर किसी ने पार्टी नहीं छोड़ी है. कॉलेज जाने वाले छात्रों से पार्टी नहीं बनती.'

    2014 के विधानसभा चुनावों में इनेलो को 19 सीटें मिली थी. अगस्‍त में जींद विधायक हरिचंद के निधन के बाद यह आंकड़ा 18 रह गया. उनके बेटे कृष्‍णा मिढ़ा ने गुरुवार को बीजेपी की सदस्‍यता ले ली.


    खबरें आ रही हैं कि दुष्‍यंत खेमे को दो विधायकों का समर्थन है. अगर ये दोनों पार्टी से बगावत कर देते हैं तो इनेलो से विधानसभा में मुख्‍य विपक्षी दल का दर्जा छिन सकती है. इसके बाद यह दर्जा कांग्रेस को मिल जाएगा जिसके पास 17 विधायक हैं.

    इनेलो में चल रही उठापटक पर मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक पार्टी के लिए यह ठीक नहीं है. मुझे नहीं लगता कि इस तरह से रसातल में जाने के बाद कोई पार्टी जिंदा रह सकती है.
    जब उनसे पूछा गया कि क्‍या इनेलो विधायक नागेंदर भडाना उनके संपर्क में हैं तो खट्टर ने जवाब दिया, 'एक ही क्‍यों, कई सारे हमारे संपर्क में हैं.'


    इसी बीच, अब सबकी नजरें अजय चौटाला के ऊपर है जो पांच नवंबर को पैरोल पर तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे. माना जा रहा है कि बागी धड़े के भविष्‍य का फैसला अजय चौटाला ही करेंगे. वह डबवाली से विधायक हैं. सुलझारे की संभावना काफी कम है ऐसे में अजय और उनके दोनों बेटे नई पार्टी बना सकते हैं. ऐसा भी संभव है कि वे अभय चौटाला ग्रुप के कुछ सदस्‍यों को तोड़ सकते हैं.

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