Kisan Andolan: हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा- MSP पर चौथा कानून भी लाए सरकार, तभी बनेगी बात

किसान आंदोलन को लेकर सख्त हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सही ढंग से हैंडल नहीं कर रही.

किसान आंदोलन को लेकर सख्त हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सही ढंग से हैंडल नहीं कर रही.

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मैं तो शुरू से कह रहा हूं कि 3 नए कृषि कानून लेकर आए हैं, तो MSP पर चौथा भी ले आएं. अगर MSP से कम पर कोई भी खरीदेगा तो उसमें सजा का प्रावधान कर दीजिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 11, 2021, 10:01 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) के नए कृषि कानून (New Agricultural Laws) के खिलाफ किसानों का धरना लंबे समय से चल रहा है. आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं और दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन ( Farmers Agitation) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार इस मामले को ठीक से हैंडल नहीं कर रही है. इसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, 'सरकार किसानों की समस्याओं के हर पहलू से विचार कर रही है. आपका ये कहना है कि सरकार मामले को ठीक से हैंडल नहीं कर रही, बहुत कठोर टिप्पणी है. इसपर सीजेआई ने कहा- 'ये तो आज की सुनवाई में हमारी ओर से दिया गया सबसे तथ्यपूर्ण बयान है. सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की बात सुनने के लिए कमेटी बनाने की बात कही है. इसके लिए उसने सरकार से तीन नाम मांगे हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल तक नाम सौंप दिए जाएंगे. ऐसे में बिना आदेश पास किए ही आज की सुनवाई खत्म हो गई.

आपको बता दें कि सरकार अपनी बात पर अड़ी हुई है कि व कृषि कानून वापस नहीं लेगी और किसान हैं कि मानते नहीं. इस बीच हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मैं तो शुरू से कह रहा हूं कि 3 नए कृषि कानून लेकर आए हैं, तो MSP पर चौथा भी ले आएं. अगर MSP से कम पर कोई भी खरीदेगा तो उसमें सजा का प्रावधान कर दीजिए. वही आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा. ये कृषि कानून किसानों के हित के लिए नहीं हैं.



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आपको याद दिला दें कि केंद्र सरकार और किसानों के बीच 8वें दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब अगली बैठक 15 जनवरी को होगी. संकेत साफ है कि 11 जनवरी को किसानों के आंदोलन को लेकर उच्चतम न्यायालय में कई याचिकाओं पर एक साथ निर्धारित सुनवाई के बाद ही वार्ता का अगला रुख स्पष्ट होगा. 8वें दौर की बैठक बेनतीजा खत्म हो गई. सरकार ने कानूनों को निरस्त करने की मांग खारिज कर दी तो किसानों ने कहा कि उनकी लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी और 'घर वापसी' तभी होगी जब इन कानूनों को वापस लिया जाएगा.
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