हरियाणा में अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, सरकार ने 20 दिनों में बकाया फाइल निपटाने के दिये आदेश

मनोहर लाल सरकार ने निजी स्कूलों की मान्यता को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है.
मनोहर लाल सरकार ने निजी स्कूलों की मान्यता को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है.

हरियाणा (Haryana) के निजी स्कूलों (Private School) को मान्यता और अनुमति देने के लिए मनोहर लाल(Manohar Lal) सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किया है. सरकार ने निजी स्कूलों की सभी बकाया फाइलों को 20 दिन के अंदर निपटाने के लिए कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 7:39 PM IST
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चंडीगढ़. हरियाणा (Haryana) की मनोहर लाल (Manohar Lal) सरकार ने राज्य के निजी स्कूलों (School) को मान्यता, अनुमति और अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है.सरकार ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (District Education Officers) को निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों की सभी बकाया फाइलों को 20 दिन के अंदर निपटा लें. हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने मीडिया को इसके बारे में जानकारी दी है. माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता, अनुमति और अनापत्ति प्रमाण-पत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.

इसके बाद प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निजी स्कूलों के मान्यता, अनुमति और अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने संबंधी सभी मामलों को केवल ऑनलाइन मोड में स्वीकार किया जाएगा. किसी भी व्यक्तिगत फाइलों पर विचार नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारियों को संबंधित स्कूल का निरीक्षण करके सभी दस्तावेजों को स्कूल शिक्षा निदेशालय में ई-ऑफिस और ऑनलाइन माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं.

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प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों या मालिकों को ना तो निदेशालय में और न ही जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में अटैंड किया जाएगा. प्रवक्ता के अनुसार सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को राज्य के प्राइवेट स्कूलों के मान्यता, अनुमति और अनापत्ति प्रमाण-पत्र संबंधी जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और बकाया सभी मामलों को निपटाने के निर्देश दिए हैं.
बता दें कि हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ का एक प्रतिनिधिमंडल ने सभी जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा था. इस ज्ञापन में प्राइवेट स्कूलों के समक्ष आ रही परेशानियों को प्रमुखता के साथ उठाया गया था और उनका जल्द समाधान करने की मांग की गई थी.

ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2003 से पूर्व स्थापित अस्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भूमि की शर्त के बिना एकमुश्त मान्यता प्रदान करने और अगर ऐसा किए जाने में किसी प्रकार की वैधानिक अड़चन आने की स्थिति में इन स्कूलों को मान्यता संबंधी सरलीकृत नियम पूरे करने के लिए दस वर्ष का समय प्रदान करने की मांग उठाई थी.

इसके साथ ही गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को मान्यता देने के लिए भूमि की शर्त को समाप्त करके आरटीई के तहत एक कमरा एक कक्षा के नियमानुसार मान्यता प्रदान करने वर्ष 2003 से पूर्व स्थापित स्थाई/अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालयों को दसवीं कक्षा के लिए मान्यता देने के लिए निर्धारित भूमि की शर्तों में कक्षा आठ से दस तक निर्धारित भूमि की शर्त में बहुत अधिक अंतर को संशोधित करने की मांग की थी.
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