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टिकैत, बादल और चौटाला पर भड़के चढूनी, बोले- तीनों को मुझसे दिक्कत, इसलिए फैला रहे हैं अफवाहें

टिकैत, बादल और चौटाला पर भड़के चढूनी, बोले- तीनों को मुझसे दिक्कत, इसलिए फैला रहे हैं अफवाहें

किसान नेताओं में छिड़ी जंग

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Punjab Election 2022: गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब मैंने पंजाब में राजनीति की बात की तो मुझे बाहर निकाल दिया. लेकिन उसके बाद वही लोग अब राजनीति में आ गए हैं. मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है.

मनोज कुमार

चंडीगढ़. संयुक्त संघर्ष पार्टी के नेता गुरनाम सिंह चढूनी (Gurnam Singh Charuni) ने उनपर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा है. चढूनी ने कहा कि वो 20 फ़रवरी तक पंजाब में चुनाव प्रचार (Election Campaign) करेंगे. उन्होंने कहा कि पंजाब में मैंने अपनी कोई कोठी नहीं बनाई है. मैं हमेशा के लिए पंजाब नहीं गया हूं. कुछ लोग मेरे बारे में यह अफवाह फैला रहे है कि मैं हरियाणा छोड़ गया हूं. मेरा घर हरियाणा में है. मेरा कारोबार हरियाणा में है. मैंने हरियाणा को नहीं छोड़ा में हरियाणा में ही रहूंगा.

चढूनी ने कहा कि एक अफवाह फैलाई जा रही है कि मैं राजनीति में चला गया. राजनीति बहुत गंदी चीज है. तो क्या छोटूराम गलत थे जो राजनीति में चले गए थे.  फिर हम उनको क्यों पूजते हैं? जो हमें यह पाठ पढ़ा रहे हैं कि राजनीति से दूर रहना चाहिए. वे कहीं ना कहीं राजनीति से खुद भी जुड़े हुए हैं. पंजाब में हमारे राजनीति में जाने से सबसे ज्यादा दिक्कत बादल परिवार को आई है. हरियाणा में सबसे ज्यादा दिक्कत चौटाला परिवार को आएगी या राकेश टिकैत को सबसे ज्यादा दिक्कत आने वाली है.

चढूनी ने कहा कि ये तीनों मिलकर मेरे बारे में अफवाह फैला रहे हैं. चौधरी देवीलाल भी राजनीति में थे और उन्होंने काफी काम किसानों के लिए किए लेकिन राजनीति में थे तभी उन्होंने काम किए हैं. चौधरी चरण सिंह हो या सर छोटूराम हो सभी ने राजनीति में रहते हुए काम  किए. गुरनाम ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने भी कहा है कि राजनीति के बिना तो धर्म भी नहीं चलता. यहां तो हम देश चलाने की बात कर रहे हैं.

चढूनी ने कहा कि गैर राजनीतिक रहके हमने अब तक क्या पाया है. काफी अर्से बाद ये आंदोलन हुआ. तब जाकर कृषि कानून वापस हुए हैं. उसके बाद भी सरकार के कृषि मंत्री ने 15 दिन बाद बयान दिया कि हम दोबारा कानून लेकर आएंगे. हमारे किसान भाइयों पर गाड़ी चढ़ा दी गई और हमारे ही खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं. हम कुछ नहीं कर पाए. जो लोग यह गैर राजनीतिक रहने की बात करते हैं. मैं उनसे कहना चाहता हूं वह मंदिर और गुरुद्वारों में जाकर कसम खाएं कि वह कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे और ना ही राजनीतिक तौर पर किसी की मदद करेंगे.

उन्होंने कहा कि जब मैंने पंजाब में राजनीति की बात की तो मुझे बाहर निकाल दिया. लेकिन उसके बाद वही लोग अब राजनीति में आ गए हैं. मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है. हरियाणा के भाइयों को इससे सावधान रहने की जरूरत है. किसानों को अब राजनीति में और ज्यादा सक्रिय होने की जरूरत है. पंजाब में 80 लाख किसानों के वोट हैं और पिछली सरकार 59 लाख वोटों से बन गई थी. तो क्या किसान अपनी सरकार बन जा मैं नहीं बना सकते.

Tags: Gurnam Singh Charuni, Haryana news, Rakesh Tikait

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