गुरुग्राम: 17 साल का युवक कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा के लिए बनाएगा 600 फेस शील्ड

 एक फेस शील्ड बनाने में कुल 70 रुपये का खर्च लगता है. (प्रतीकात्मक फोटो)
एक फेस शील्ड बनाने में कुल 70 रुपये का खर्च लगता है. (प्रतीकात्मक फोटो)

मिहिर वर्धन गुरुग्राम (Gurugram) में 12वीं क्लास में पढ़ता है. फिलहाल, वह थ्री D प्रिंटिंग मशीन से फेस शील्ड तैयार कर रहा है.

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गुरुग्राम. देश में कोरोना वायरस (COVID-19) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वहीं, डॉक्टर्स और नर्स सहित कई कोरोना वॉरियर्स इसे रोकने के लिए दिन-रात काम पर लगे हुए हैं. इन कोरोना वॉरियर्स (Corona warriors) को भारी संख्या मास्क और फेस शील्ड की जरूरत पड़ रही है. ताकि वे मरीजों के इलाज करने के दौरान अपने-आप को भी सुरक्षित रख सकें. ऐसे में मास्क और फेस शील्ड (Face shield) के निर्माण के लिए कई लोगों ने हाथ बढ़ाया है. फेस-शील्ड बनाने के काम में गुरुग्राम का एक युवक भी आगे आया है, जिसका नाम मिहिर वर्धन है.

मिहिर वर्धन गुरुग्राम में 12वीं क्लास में पढ़ता है. फिलहाल, वह थ्री D प्रिंटिंग मशीन से फेस शील्ड तैयार कर रहा है. फेस शील्ड कोरोना के इलाज में डाक्टरों द्वारा अधिक इस्तेमाल किया जाता है. मिहिर को मशीनी चीजों में बचपन के जुनून ने कोरोना के संकट में फेस शील्ड बनाने को प्रेरित किया. जानकारी के मुताबिक, मिहिर वर्धन की उम्र अभी मात्र 17 साल है. मिहिर इन दिनों दिनभर अपने कमरे में थ्री D प्रिंटिंग मशीन के साथ फेस शील्ड बनाने में मशगूल रहता है.

कोरोना वायरस से बचाने में इस्तेमाल
इसका कहना है कि उसने कोरोना संकट में जब देखा कि लोगों को कोरोना वायरस से बचाने में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा के सामान जैसे पीपीई, फेस शील्ड और मास्क की कमी हो रही है तो अपने कमरे में ही फेस शील्ड बनाना शुरू कर दिया. अभी इन्हें एक फेस शील्ड बनाने में कुल 70 रुपये का खर्च लगता है. मिहिर ने बताया कि उसको डिजाइन का आइडिया यूरोप के देशों से मिला है. फिलहाल, मिहिर को आसपास के अस्पतालों से 600 फेस शील्ड बनाने का ऑर्डर मिला है.
(रिपोर्ट- नीरज कुमार)



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