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गुरुग्राम अपार्टमेंट हादसाः 12 घंटे के बाद भी मलबे के नीचे फंसे पति-पत्नी, बचाने की कोशिश जारी

गुरुग्राम अपार्टमेंट हादसाः 12 घंटे के बाद भी मलबे के नीचे फंसे पति-पत्नी, बचाने की कोशिश जारी

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक अपार्टमेंट की छत का हिस्सा ढहा.

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक अपार्टमेंट की छत का हिस्सा ढहा.

Gurugram apartment Roof Collapse: पहली मंज़िल पर अरुण श्रीवास्तव नामक व्यक्ति और उनकी पत्नी फँसे थे, अरुण का पैर छत का लेंटर गिरने से उसके नीचे दब गया है. इनको अब तक नहीं निकाला जा सका है. डीसी ने इस हादसे की जाँच एडीसी विश्राम कुमार मीणा को सौंपी है, जो सम्बंधित विभागों के अधिकारियों और सोसायटी के प्रतिनिधियों को भी जाँच में शामिल करेंगे

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गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में एक सोसाइटी के अपार्टमेंट की छत गिरने से महिला की मौत हो गई है. वहीं, हादसे के 12 घंटे बाद भी यहां पर एक दंपति फंसा हुआ है, जिन्हें निकालने की कोशिशें जारी हैं. मलबे में फंसे शख्स की लगातार बचाव टीम से बात हो रही है. दरअसल, गुरुवार शाम को गुरुग्राम के सेक्टर 109 स्थित चिंटल पैराडीसो नामक रिहायशी सोसायटी में अपार्टमेंट की छत गिर गई थी. मौके पर हादसे के राहत और बचाव कार्य के पूरे समय गुरुग्राम के डीसी मौजूद रहे.

शुक्रवार सुबह तक मिली ताजा जानकारी के अनुसार, छत के मलबे के नीचे अब भी महिला और पुरुष दबे हुए हैं. दोनों पति-पत्नी हैं और महिला की हालात गंभीर बनी हुई है. डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि गुरुवार को क़रीब शाम 6 बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी. तत्काल ज़िला प्रशासन के अधिकारी और सिविल डिफ़ेंस की टीम मौक़े पर पहुँची थी. एनडीआरएफ़ तथा एसडीआरएफ की टीमें को बुलाया गया था. राहत और बचाव का काम चल रहा है.

प्रारम्भिक सूचना के अनुसार, 18 मंज़िला बिल्डिंग में छठी मंज़िल पर बिल्डर की ओर से मरम्मत करवाई जा रही थी. उसी समय दो पिलरों के बीच में डाइनिंग रूम के हिस्से की छत छठी मंज़िल से गिरते हुए पहली मंज़िल तक आ पहुँची. यानी पहली मंज़िल से छठी मंज़िल तक डाइनिंग रूम ध्वस्त हो गये, लेकिन पिलर ज्यों के त्यों रहे. इनमें केवल दो फ़्लोर पर ही परिवार रहते थे, बाक़ी फ़्लोर ख़ाली थे. हादसे में दूसरी मंज़िल से एक महिला को मृत निकला गया है.

दो लोग फंसे हुए हैं, पहचान हुई
पहली मंज़िल पर अरुण श्रीवास्तव नामक व्यक्ति और उनकी पत्नी फँसे थे, अरुण का पैर छत का लेंटर गिरने से उसके नीचे दब गया है. इनको अब तक नहीं निकाला जा सका है. डीसी ने इस हादसे की जाँच एडीसी विश्राम कुमार मीणा को सौंपी है, जो सम्बंधित विभागों के अधिकारियों और सोसायटी के प्रतिनिधियों को भी जाँच में शामिल करेंगे. सोसायटी के निवासियों से भी डीसी ने बात कीं, उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मामले में एफआईआर होगी और भी कोई विषय आया तो उस पर भी गौर किया जाएगा.घटना के बाद मौक़े पर बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद भी पहुँचे हुए थे. उन्होंने राहत व बचाव कार्य का जायज़ा लिया और सोसायटी के लोगों से बात कर उनकी हिम्मत बंधाई है. इस राहत व बचाव कार्य के दौरान एडीसी विश्राम कुमार मीणा,, एसडीएम अंकिता चौधरी, डीटीपी आर एस बाट, नायब तहसीलदार सुशील कुमार , डीसीपी वेस्ट दीपक, एसीपी राजीव यादव, पी डब्लू डी के एक्सईएन नरेंद्र , चिकित्सकों की टीम, सिविल डिफ़ेंस से विंग कमांडर एसएन शर्मा व मोहित शर्मा भी उपस्थित रहे.

Tags: Gurugram, Haryana Border, Haryana Government

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