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कांग्रेस और इनेलो छोड़ आए नेताओं पर BJP ने जताया भरोसा, इन सीटों पर दी टिकट

कांग्रेस और इनेलो छोड़ आए नेताओं पर BJP ने जताया भरोसा, इन सीटों पर दी टिकट

बाहरी उम्मीदवारों पर भाजपा ने जताया भरोसा

बाहरी उम्मीदवारों पर भाजपा ने जताया भरोसा

इनेलो (INLD) और कांग्रेस (Congress) से आए नेताओं को बीजेपी ने टिकट देकर ये बता दिया कि जिस नेता में जितने का दम है उसे ही टिकट दी जाएगी.

    चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) के लिए बीजेपी (BJP) ने टिकट का एलान किया तो किसी का चेहरे खिल उठा तो किसी को सिर्फ अंधेरा नज़र आया. लेकिन इनेलो (INLD) और कांग्रेस (Congress) से आए नेताओं को बीजेपी ने टिकट देकर ये बता दिया कि जिस नेता में जितने का दम है उसे ही टिकट दी जाएगी.

    शुरूआत कांग्रेस से करें तो सफीदों से बच्चन सिंह आर्य को टिकट दिया गया. बच्चन सिंह कांग्रेस से बीजेपी में आए, कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ते रहे और कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे. लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में आए और रमेश कौशिक के लिए खूब प्रचार किया, जिसका इनाम उन्हें सफीदों से टिकट के रूप में मिला है.

    इन दिग्गजों को दी टिकट

    वहीं इनेलो से कई विधायक और बड़े दिग्गज भाजपा में शामिल हुए. शुरूआत इंद्री से करें तो इंद्री से रामकुमार कश्यप ने एनक छोड़ कर कमल थामा. ये पेशे से वकील हैं. हालांकि ओपी चौटाला ने रामकुमार कश्यप को राज्यसभा भेजा था. कश्यप इनेलो के पुराने कार्यकर्ता रहे लेकिन बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी ने भी रामकुमार पर विश्वास जताया है.

    भाजपा में जताई आस्था तो मिली टिकट

    कालांवली से बलकोर सिंह मौजूदा विधायक है. काबिलेगौर है कि ये एकलौते अकाली विधायक थे और इन्होंने भी बीजेपी में अपनी आस्था जताई. ऐसे में आरक्षित सीट से भाजपा ने बलकौर सिंह पर भरोसा जताया है. वहीं रणवीर गंगवा की बात करें तो वो नलवा से मौजूदा विधायक हैं. लम्बें समय से इनेलो में होने के बावजूद लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी ने अब टिकट दिया. दरअसल, हिसार के नलवा इलाका में इनेलो का खूब बोलबाला है. ऐसे में इन्हें टिकट देने से बीजेपी को फायदा होता दिखता है.

    सतीश नांदल हुड्डा को दे सकते हैं टक्कर

    वहीं अबकि बार सदीश नांदल गढ़ी-सांपला-किलोई से इनेलो नहीं बल्कि बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ेगें. वो जब इनेलो में थे तो रोहतक के जिलाध्यक्ष थे. हुड्डा के खिलाफ पहले भी चुनाव लड़ा अच्छी वोट भी अर्जित की लेकिन चुनाव हारे थे. सतीश नांदल जाट चेहरा है, ऐसे में हुड्डा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं. नांदल ओपी चौटाला के बेहद करीबी थे लेकिन बावजूद इसके उन्होंने पार्टी छोड़ी है.

    नूंह में भी भाजपा ने चला ये दांव

    अब बात करें जाकिर हुसैन की तो वो मेव के दिग्गज नेता कहे जाते हैं. इनेलो की टिकट पर नूंह से मौजूदा विधायक हैं. लेकिन इनेलो से बीजेपी में आए ज़ाकिर हुसैन, तैयब हुसैन के बेटे हैं. राजशाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. काबिलेगौर है कि तैयब हुसैन पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में विधायक रहे. वहीं फिरोजपुर झिरका के मौजूदा विधायक नसीम अहमद इनेलो की राजनीति करने के बाद चुनाव से पहले कांग्रेस में गए. लेकिन जल्द ही कांग्रेस का हाथ छोड़ कर कमल थाम लिया और इसका इनाम भी बीजेपी ने अब इन्हें दिया है.

    फरीदाबाद NIT से इनेलो की टिकट पर विधायक बने नागेंद्र बढाना इनेलो की लगातार मुखालफत करते रहे और बीजेपी के साथ साथ नज़र आए. वहीं परमिंदर ढुल जुलाना से मौजूदा विधायक हैं और बीजेपी में आने के बाद जुलाना से ही टिकट भी मिला. परमिंदर ढुल ओपी चौटाला के करीबी कहे जाते थे. लेकिन बीजेपी में शामिल हुए.

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    Tags: Haryana Assembly Election 2019, Haryana Election 2019, Haryana politics

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