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हरियाणा चुनाव 2019: चुनावी जीत के लिए इस तरह का दांव चल रहे उम्मीदवार!

हरियाणा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी खुद तो जीत नहीं सकते हैं, लेकिन दूसरे की जीत-हार में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

हरियाणा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी खुद तो जीत नहीं सकते हैं, लेकिन दूसरे की जीत-हार में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) में निर्दलीय प्रत्याशी (Independent candidate) खुद तो जीत नहीं सकते हैं, लेकिन दूसरे की जीत-हार में अहम भूमिका निभा रहे हैं. राज्य में कई विधानसभा क्षेत्रों में एक ही नाम के दो या उससे अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं.

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नई दिल्ली. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 (Haryana Assembly Election 2019) में सभी पार्टियों के साथ-साथ कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों (Independent Candidates) ने भी नामांकन दाखिल (Nomination File) कर दिया है. कुछ राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि इन निर्दलीय प्रत्याशियों में से कुछ तो डमी कैंडिडेट (Dummy Candidate) के तौर भी मैदान में उतारे गए हैं, जिनका नाम वोटरों के मन में भ्रम पैदा कर सकता है. जैसे, फरीदाबाद की तिगांव विधानसभा सीट से ललित नागर (Lalit Nagar) नाम के दो प्रत्याशी मैदान में हैं. एक कांग्रेस के ललित नागर हैं तो दूसरे निर्दलीय ललित नागर हैं. इससे मतदाताओं में कनफ्यूजन हो सकता है. वहीं जानकारों का दावा है कि इस बार के हरियाणा विधानसभा चुनाव में ये निर्दलीय प्रत्याशी खुद तो जीत नहीं सकते हैं, लेकिन दूसरे की जीत-हार में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

एक ही नाम के दो या उससे अधिक प्रत्याशी मैदन में
शुक्रवार चार अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी. इस लिहाज से अब प्रत्याशियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में वोटों का गणित बिठाना शुरू कर दिया है. हालांकि, यह गुणा-गणित प्रत्याशियों के नामों के ऐलान के साथ ही शुरू हो गया था, लेकिन इस राजनीतिक दांव-पेंच में अब निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपना काम करना शुरू कर दिया है.

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4 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने का आखिरी तारीख था.


हरियाणा के कई विधानसभा क्षेत्रों से अब इस तरह की रोचक जानकारियां सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक रोचक जानकारी तिगांव विधानसभा क्षेत्र से आई है, जहां दो प्रत्याशियों के नाम ललित नागर है. बीजेपी प्रत्याशी के नाम में भी नागर सरनेम जुड़ा हुआ है. इस सीट से कांग्रेस ने अपने मौजूदा विधायक ललित नागर को ही टिकट दिया है. वहीं एक निर्दलीय प्रत्याशी का नाम भी ललित नागर है.

एक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन नागर

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तिगांव विधानसभा क्षेत्र पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का दबदबा रहा है(सांकेतिक तस्वीर)


बता दें कि तिगांव विधानसभा क्षेत्र पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का दबदबा रहा है. इसके बावजूद पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर यहां से जीते थे. इस सीट से बीजेपी ने अपने एक पूर्व प्रत्याशी राजेश नागर को उम्मीदवार बनाया है. इस बार नागर सरनेम वाले तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. पिछले चुनाव में भी ललित नागर और राजेश नागर के बीच कांटे की टक्कर हुई थी, जिसमें ललित नागर ने बाजी मार ली थी. इस बार ललित नागर नाम का एक निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतर गया है. अब देखना यह है कि निर्दलीय ललित नागर किसका वोट काटेंगे?

डमी कैंडिडेट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू
कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर का आरोप है, 'बीजेपी ने जानबूझ कर मेरे नाम का एक निर्दलीय उम्मीदवार को मैदान में उतारा है. निर्दलीय ललित नागर बीजेपी प्रत्याशी राजेश नागर के साथ ही रहता है. हालांकि, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि ईवीएम में पंजे का निशान पहले या दूसरे नंबर पर होगा.

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राष्ट्रीय पार्टियों के उम्मीदवार भी परेशान हैं कि इस तरह की समस्याओं से कैसे पार पाया जाए.


निर्दलीय हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिक निभाएंगे!
ऐसे में मतदाताओं को तो छोड़ दीजिए, राष्ट्रीय पार्टी का उम्मीदवार भी परेशान हैं कि इस तरह की समस्याओं से कैसे पार पाया जाए. वहीं कुछ लोगों को मानना है कि जानबूझ कर विरोधी पार्टियां इस तरह के उम्मीदवारों को खड़े करती हैं, जिससे विरोधी पार्टियों का वोट काटा जाए. ये लोग सोचते हैं कि अगर हार-जीत का मार्जिन कम रहेगा तो इस तरह के नुस्खे काफी कारगर साबित होंगे.

बता दें कि देश में बीते कई सालों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी है, जिसमें सशक्त उम्मीदवार हार गया और कमजोर उम्मीदवार जीत गया. राजनीतिक पार्टियां जब इसका आकलन करती है तब इस तरह के नुस्खे के मायने समझ में आते हैं.

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