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हरियाणा विधानसभा चुनाव: कांग्रेस-BJP के लिए सिरदर्द बने ये 'बागी' नेता

भाषा
Updated: October 5, 2019, 9:52 PM IST
हरियाणा विधानसभा चुनाव: कांग्रेस-BJP के लिए सिरदर्द बने ये 'बागी' नेता
bjp-कांग्रेस के सामने चुनौती हैं बागी

Haryana Assembly Election 2019: टिकट नहीं मिलने पर नाराज रेवाड़ी (Rewari) से भाजपा (BJP) के मौजूदा विधायक (MLA) रणधीर कापड़ीवास ने कहा कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे हैं.

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चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) के महज कुछ दिन पहले सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) दोनों के लिए बागी सिरदर्द बन गए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि उनमें से कुछ लोग निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर गये हैं. टिकट नहीं दिए जाने पर दोनों दलों को कुछ नेताओं की बगावत का सामना करना पड़ रहा है. राज्य में 21 अक्टूबर को मतदान है. शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख समाप्त हो गई.

टिकट नहीं मिलने पर नाराज रेवाड़ी से भाजपा के मौजूदा विधायक रणधीर कापड़ीवास ने कहा कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे हैं. वहीं गुड़गांव से भाजपा के मौजूदा विधायक उमेश अग्रवाल ने इस निर्वाचन क्षेत्र से अपनी पत्नी अनीता को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा है.

रणजीत सिंह चौटाला बने निर्दलीय उम्मीदवार
पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पुत्र एवं कांग्रेस नेता रणजीत सिंह चौटाला पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद रानिया सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे हैं. रानिया से कांग्रेस ने विनीत कंबोज को टिकट दिया है. कुछ अन्य सीटें भी हैं, जहां दोनों दलों के बागी नेता चुनाव मैदान में तो नहीं उतरे हैं लेकिन जिन्हें उनकी मूल पार्टी से उम्मीदवार बनाया गया है, उनके खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है.

कापड़ीवास की जगह सुनील मुसेपुर को टिकट
भाजपा ने कापड़ीवास की जगह सुनील मुसेपुर को टिकट दिया है. यह पूछे जाने पर कि चुनाव मैदान में वह क्यों उतरे हैं, कापड़ीवास ने कहा, 'मैं भाजपा का वफादार कार्यकर्ता रहा हूं. हमेशा पार्टी के ध्वज को ऊंचा रखा है और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है. मैं कभी भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में नहीं रहा हूं लेकिन नहीं जानता कि मुझे किसी चीज की कीमत चुकानी पड़ी है.'

निर्दलीय उम्मीदवार हैं कापड़ीवास
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कापड़ीवास ने कहा, ‘जब एक बाहरी को उतारा गया तो मेरे समर्थकों ने मुझसे कहा कि मुझे (चुनाव) लड़ना चाहिए और मैं मुकाबले में उतरा. मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरा हूं' उल्लेखनीय है कि भाजपा ने अपने मौजूदा 48 विधायकों में राव नरबीर सिंह और विपुल गोयल सहित 12 को टिकट नहीं दिया.

कांग्रेस मे ंभी बढ़ी कलह
कांग्रेस के खेमे में भी अंदरूनी कलह बढ़ गई है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अशोक तंवर ने दिल्ली में अपने समर्थकों के साथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास के बाहर बुधवार को प्रदर्शन किया था. उन्होंने हरियाणा में टिकट बंटवारे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. शनिवार को तंवर ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.

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First published: October 5, 2019, 9:07 PM IST
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