हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित, पहले दिन 12 बिल हुए पास
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हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित, पहले दिन 12 बिल हुए पास
हरियाणा विधानसभा के मॉनसून सत्र का बुधवार को पहला दिन था

हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा (Ranbeer Gangwa) ने स्पष्ट किया कि विधानसभा का यह सत्र जारी रहेगा और हालात ठीक होते ही नियमानुसार सत्र की कार्यवाही विधानसभा के अध्यक्ष की सहमति से आगे चलेगी

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  • Last Updated: August 26, 2020, 11:18 PM IST
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हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित, पहले दिन 12 बिल पासचंडीगढ़. कोविड-19 (Covid-19) के चलते हरियाणा विधानसभा (Haryana Assembly) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. बुधवार को विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा (Ranbeer Gangwa) ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा का यह सत्र जारी रहेगा और हालात ठीक होते ही नियमानुसार सत्र की कार्यवाही विधानसभा के अध्यक्ष की सहमति से आगे चलेगी. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र छह महीने के अंदर बुलाना जरूरी होता है, इसी कारण आज (बुधवार) मानसून सत्र शुरू किया गया. वो सत्र के बाद हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

एक सवाल के जवाब में गंगवा ने कहा कि हालांकि विधानसभा में सोशल डिस्टेसिंग सहित कोरोना वायरस से संबधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन एक दिवसीय सत्र में किया गया. इसके बावजूद विधानसभा के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी बड़ी संख्या में सत्र में डयूटी कर रहे हैं, इस लिहाज से फिलहाल सत्र को और अधिक लंबा चलाने से कोरोना संक्रमण के संभावना बढ़ सकती थी. उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे हरियाणा विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों की सहमति से (जिस में नेता प्रतिपक्ष भी सदस्य हैं) निर्णय लिया गया कि आवश्यक बिल एवं अन्य कार्यों को समय पर पूरा करने और विधानसभा के नियमों के तहत सत्र को शुरू किया जाए.

बुधवार को सत्र के पहले दिन सदन में 12 बिल पास हुए



डिप्टी स्पीकर ने कहा कि बुधवार को विधानसभा सत्र की कार्यवाही के दौरान 12 बिल पास किए गए हैं, वहीं एक और बिल पर चर्चा सत्र के अगले चरण में की जाएगी. उन्होंने कहा कि बिलों को पास करने के दौरान सभी सदस्यों को बोलने का मौका दिया गया. अगर वो किसी भी बिल पर कुछ कहना चाहें तो बोल सकते थे. उन्होने कहा कि जिन बिलों को सदन में पास किया गया उनमें से 10 अध्यादेश सरकार द्वारा पहले से पास किये जा चुके हैं.
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