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हरियाणा विधानसभा चुनाव: कभी सरकार बनाने का दावा ठोका था, अब चुनाव प्रचार के लिए भी वक्त नहीं!

आम आदमी पार्टी (Aap) की तरफ से कहा जा रहा है कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi assembly election) को देखते हुए पार्टी हरियाणा (Haryana) के बजाए दिल्ली पर फोकस कर रही है.

आम आदमी पार्टी (Aap) की तरफ से कहा जा रहा है कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi assembly election) को देखते हुए पार्टी हरियाणा (Haryana) के बजाए दिल्ली पर फोकस कर रही है.

आम आदमी पार्टी (Aap) की तरफ से कहा जा रहा है कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi assembly election) को देखते हुए पार्टी हरियाणा (Haryana) के बजाए दिल्ली पर फोकस कर रही है.

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नई दिल्ली. पिछले कई सालों से हरियाणा (Haryana) में वजूद तलाश रही आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने राज्य की कई विधानसभा सीटों (Assembly Seats) पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से सटे फरीदाबाद के पृथला और तिगांव विधानसभा क्षेत्रों के साथ ही गुरुग्राम के बादशाहपुर और पटौदी सीट पर भी प्रत्याशी खड़े नहीं किए हैं. आम आदमी पार्टी (aap) की तरफ से कहा जा रहा है कि दिल्ली चुनाव को देखते हुए हरियाणा के बजाए पार्टी दिल्ली पर फोकस कर रही है.

कुछ साल पहले तक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) हरियाणा में आप की सरकार बनाने का दावा ठोक रहे थे, लेकिन हरियाणा विधानसभा के चुनाव में पार्टी ने 90 में से सिर्फ 48 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

अगर फरीदाबाद की बात करें तो 'आप' को नामांकन के आखिरी दिन तक दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार नहीं मिले. फरीदाबाद के पृथला विधानसभा क्षेत्र और दूसरा तिगांव विधानसभा सीट है, जहां आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए. शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था. इसके बावजूद 'आप' ने इन दोनों विधानसभा सीटों पर अपने कैंडिडेट्स नहीं उतारे.

बीजेपी हरियाणा की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
बीजेपी हरियाणा की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है.


'आप की हार या फिर राजनीतिक दांव'
'आप' के लोकसभा संगठन मंत्री कुलदीप कौशिक के मुताबिक, 'हमने हरियाणा के लगभग सभी विधानसभा सीटों पर कर्मठ और मेहनती उम्मीदवारों को टिकट दिया है. इन दोनों विधानसभा सीटों के लिए भी उम्मीदवारों के नाम आए थे, लेकिन कुछ उम्मीदवार चुनाव आयोग के नियमों पर खरे नहीं उतर सके तो कुछ दूसरे कारणों से सहमति नहीं हो सकी, जिसके चलते दोनों सीटों पर पार्टी ने उम्मीदवार नहीं उतारे.'

पार्टी नेताओं के हवाले से ये भी कहा जा रहा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक अरविंद केजरीवाल की तीन-चार से ज्यादा सभा नहीं होने वाली हैं. पार्टी की केंद्रीय इकाई का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हरियाणा चुनाव में उतना सक्रिय नहीं रह सकेंगे, जितना बीते पंजाब चुनाव में थे. बीते शुक्रवार को ही पार्टी ने हरियाणा चुनाव के लिए 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी है. इस लिस्ट में पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और गोपाल राय समेत कुछ दूसरे नाम हैं.

नवीन जयहिंद का कहना है कि अबकी बार जनता सीएम खट्टर को हरिद्वार भेजने का काम करेंगी
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हरियाणा में पार्टी के पास कैंडिडेट्स नहीं मिले!
हरियाणा की राजनीति को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार संजीव पांडेय न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, 'हरियाणा में अरविंद केजरीवाल को कुछ भी हासिल नहीं हो सकता था. अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक समझ दिखाई है. अगर केजरीवाल पूरी ताकत से लड़ते भी तो यहां पर कुछ हासिल नहीं कर सकते, उल्टे उनकी फजीहत होती. इसका खामियाजा केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा के चुनाव में देखने को मिलता. पार्टी ने अच्छा किया कि वह हरियाणा में कम सीटों पर चुनाव लड़ी. यह फैसला रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम है. अगर हरियाणा चुनाव में 'आप' का शीर्ष नेतृत्व सक्रिय होता है और परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहता तो सीधा असर दिल्ली चुनाव पर पड़ना तय था. इससे आम आदमी पार्टी के मतदाताओं में पार्टी को लेकर खराब धारणा बनती और कार्यकर्ताओं में घोर निराशा छा जाती.'

हरियाणा की कई सीटों पर 'आप' को उम्मीदवार नहीं मिला!
हरियाणा की कई सीटों पर 'आप' को उम्मीदवार नहीं मिला!


आधिकारिक तौर पर 48 प्रत्याशी ही घोषित हुए
'आप' की ओर से हरियाणा में सबसे पहले 21 सितंबर को ही 22 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की गई थी. इसमें गुड़गांव विधानसभा सीट से आर एस राठी को पार्टी ने मैदान में उतारा था. पार्टी की ओर से दावे किए जा रहे थे कि वे जल्द से जल्द अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर उन्हें जनता के बीच जाने का पूरा समय देंगे, लेकिन इस लिस्ट के बाद बीते बुधवार 2 अक्टूबर को पार्टी की ओर से दूसरी लिस्ट जारी की गई. इसमें भी सिर्फ 26 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया था. अगर दोनों लिस्ट को मिला दें तो हरियाणा में पार्टी ने अब कुल 48 प्रत्याशियों को ही मैदान में उतारा है.

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