Assembly Banner 2021

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने बनाया नया मोर्चा, रखा ये नाम...

अशोक तंवर ने क़ानून व्यवस्था समेत फ़रीदाबाद की दुर्दशा पर भी सवाल उठाए.

अशोक तंवर ने क़ानून व्यवस्था समेत फ़रीदाबाद की दुर्दशा पर भी सवाल उठाए.

Haryana Politics: जब अशोक तंवर कांग्रेस में थे तो उनका पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ छत्तीस का आंकड़ा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 2:14 PM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, यूथ कांग्रेस के प्रभारी और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रह चुके पूर्व सांसद अशोक तंवर (Ashok Tanwar) ने अपना नया मोर्चा (New Front) बना लिया है. गुरुवार को तंवर ने अपने नए मोर्चे ‘अपना भारत मोर्चा’ का ऐलान किया. अशोक तंवर डिजिटल माध्यम से मोर्चे के गठन का ऐलान किया. चंडीगढ़ प्रेस क्लब में अशोक तंवर की धर्मपत्नी अवंतिका तंवर माकन मौजूद रही. इसी तरह अलग-अलग जगहों पर तंवर के समर्थक मौजूद रहे.

अशोक तंवर कभी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खास लोगों में शुमार थे. हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी, लेकिन अब वो राज्य की सियासत में अपनी सियासी राह तलाशने में जुट गए हैं.

बता दें कि हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए अशोक तंवर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है. इसकी शुरुआत 2014 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तब शुरू हो गई थी, जब हुड्डा ने तंवर को उनकी पसंद के टिकट नहीं लेने दिए थे. फिर इसके बाद दोनों में आरोप-प्रत्यारोप तथा दिल्ली दरबार की राजनीति में एक दूसरे को पीछे धकेलने का लंबा खेल चला, जो तब तक जारी रहा, जब तक अशोक तंवर ने कांग्रेस को अलविदा नहीं कह दिया.



तंवर ने जेजेपी को दिया था समर्थन
हरियाणा के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अशोक तंवर ने जेजेपी को अपना समर्थन दिया था और जब नतीजे आए थे तो जननायक जनता पार्टी को 12 सीटें ही मिली थीं. हालांकि पार्टी हरियाणा के किंग मेकर के तौर पर उभरी. तंवर के पार्टी छोड़ने के बाद कई कयास लगा जा रहे थे लेकिन उनकी इस घोषणा के बाद हरियाणा की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज