हरियाणा सरकार ने कोरोना से प्रभावित मजदूरों और दुकानदारों को आर्थित सहायता देने की घोषणा की

खट्टर ने यह भी कहा कि वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए संपूर्ण संपत्ति कर माफ करने का निर्णय लिया गया है. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Chief Minister Manohar Lal Khattar) ने अपनी सरकार के 600 दिन पूरे होने के अवसर पर यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की है.

  • Share this:
    चंडीगढ़. हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने बृहस्पतिवार को छोटे दुकानदारों, निर्माण श्रमिकों, ऑटो-रिक्शा चालकों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 5,000-5,000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने की घोषणा की. जिन्हें कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Chief Minister Manohar Lal Khattar) ने अपनी सरकार के 600 दिन पूरे होने के अवसर पर यहां एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि वे बीपीएल परिवार जिन्होंने 18-50 आयु वर्ग में परिवार के एक सदस्य को कोविड​​​-19 के कारण खो दिया है, उनमें से प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने 2021-22 की पहली तिमाही में संपत्ति कर में छूट और बिजली बिल में कमी सहित कई अन्य लाभों की भी घोषणा की. कुल मिलाकर, इन घोषणाओं में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय पैकेज शामिल है.

    राहत उपायों का विवरण देते हुए, खट्टर ने कहा कि निर्माण श्रमिकों और ऑटो-रिक्शा चालकों जैसे असंगठित क्षेत्र में लगे 12 लाख परिवारों को 5,000-5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. यह पैकेज 600 करोड़ रुपये का है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को योजना का लाभ आसानी से मिले, एक पोर्टल तैयार किया गया है और पोर्टल पर पंजीकरण 18 जून से शुरू होगा. मुख्यमंत्री ने आशा कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में लगे लोगों को भी 5,000-5,000 रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पर 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसी तरह छोटे दुकानदारों के लिए 150 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की गई.

    उनकी व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं
    खट्टर ने आगे कहा कि सरकार ने बीपीएल परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है, जिनके 18 से 50 वर्ष की आयु के सदस्यों की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 संकट के दौरान बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है और बिजली विभाग ने फैसला किया है कि 30 जून तक बिजली बिलों पर अधिशुल्क नहीं लगाया जाएगा. इसके अलावा, राज्य सरकार ने व्यापारियों को राहत देने की घोषणा की क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण उनकी व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं.

    जेपी दलाल समेत कई अन्य लोग मौजूद थे
    खट्टर ने यह भी कहा कि वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए संपूर्ण संपत्ति कर माफ करने का निर्णय लिया गया है. इससे शहरी स्थानीय निकाय विभाग पर लगभग 150 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-माल परिवहन वाहनों पर वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए मोटर वाहन कर नहीं लगाया जाएगा। इससे होने वाले करीब 72 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ सरकार वहन करेगी. उन्होंने ई-ट्रैक्टर की खरीद पर 25 प्रतिशत की छूट देने की भी घोषणा की. संवाददाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री कंवर पाल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, बिजली मंत्री रंजीत सिंह, कृषि मंत्री जेपी दलाल समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.