हरियाणा सरकार का महिलाओं को बड़ा दिवाली तोहफा, पंचायती राज व्यवस्था में 50 फीसदी भागीदारी पर मुहर

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार का ये कदम प्रदेश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है. (फाइल फोटो)
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार का ये कदम प्रदेश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने बताया कि भविष्य में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं यानी जिला परिषद, ब्लॉक पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के चुनावों में यह नियम लागू होगा.

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चंडीगढ़. हरियाणा की महिलाओं के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा. शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा (Haryana Assembly) में एक ऐसी नजीर लिखी गई जिसे कई सदियों तक याद रखा जाएगा. विधानसभा के पटल पर हरियाणा के पंचायती राज एक्ट (Panchayati Raj Act) में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया, जिसे माननीय सदस्यों ने पास कर दिया. इसी के साथ अब हरियाणा में पंचायत चुनावों में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित हो पाएगी.

सूबे में अब पंचायत चुनाव में सम-विषम संख्या के आधार पर महिला एवं पुरुषों के लिए सीटें आरक्षित होंगी. जिस गांव में महिला सरपंच निर्वाचित होंगी, अगली योजना में उस गांव में पुरुष सरपंच होगा. इस बिल के पास होने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह बिल प्रदेश की महिलाओं में नए आत्मविश्वास का संचार करेगा और उन्हें सशक्त करेगा.

गांवों को सम-विषम संख्या के आधार पर दिया जाएगा कोड



बिल की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं यानी जिला परिषद, ब्लॉक पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के चुनावों में यह नियम लागू होगा. उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव को सम-विषम संख्या के आधार पर कोड दिए जाएंगे. पहली बार में सम क्रम वाले गांवों में सरपंच महिला रहेंगी और अगली बार विषय क्रम संख्या वाले गांवों में महिला सरपंच बनेंगी. इस तरह हर दस वर्ष में से पांच वर्ष हरियाणा के हर गांव में महिला सरपंच होंगी. आरक्षित पदों पर भी यह नियम लागू होगा और उनमें भी सम-विषम संख्या के आधार पर पद आरक्षित होंगे. यही नहीं, ग्राम पंचायत के पंचों के विषय में भी यही प्रक्रिया रखी जाएगी और 50 फीसदी पंचों के पद महिलाओं के लिए रहेंगे.


सीएम ने बताया कि यह व्यवस्था ग्राम पंचायतों से आगे बढ़कर जिला परिषद और ब्लॉक पंचायत समिति में भी लागू होगी. जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्यों और चेयरमैन के पदों के लिए भी ऑड-ईवन का फार्मूला इस्तेमाल किया जाएगा.

पंचायती राज एक्ट में इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद हरियाणा में पंचायती राज तंत्र में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित हो जाएगी. इस व्यवस्था के लिए अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित सीटों और अन्य सीटों के लिए अलग अलग समूह माने जाएंगे और उन समूहों में महिला आरक्षण लागू किया जाएगा.

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बिल पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह बिल एक वरदान साबित होने वाला है. ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पंचायती राज सस्थाओं में निर्वाचित होकर न केवल अपने गांव की आवाज को बुलंद करेंगी, बल्कि विकास के भी नए आयाम स्थापित करेंगी.
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