हरियाणा सरकार का यू टर्न, किसानों को राहत, धान उगाने पर पाबंदी हटाई
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हरियाणा सरकार का यू टर्न, किसानों को राहत, धान उगाने पर पाबंदी हटाई
इससे पहले उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा था कि हरियाणा सरकार राज्य के कैंसर रोगियों को अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के दायरे में लाने पर विचार कर रही है. (फाइल फोटो)

सरकार ने अब आदेश की बजाय सलाह शब्द का इस्तेमाल करते हुए लिखा 50एचपी की ट्यूबवेल मोटर वाले किसान धान ना लगाएं.

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चंडीगढ़. हरियाणा की गठबंधन सरकार ने धान की फ़सल मामले में यू-टर्न ले लिया है. इस मामले में सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए है. सरकार (Government) ने किसान द्वारा चयनित ब्लॉक में 50 फ़ीसदी धान की जगह अन्य फ़सल नहीं लगाने पर धान की खरीद नहीं करने के फैसले को वापस ले लिया है. इसके साथ ही सरकार ने ऐसे किसानों (Farmers) की सब्सिडी नहीं दिए जाने के क्लॉज को भी हटा दिया है. सरकार ने नए जारी आदेशों में कहा कि स्वेच्छानुसार किसान धान की जगह विविधीकरण को अपनाएं.

सरकार फसल विविधीकरण करने पर किसानों को वैकल्पिक फसल पर प्रति एकड़ 7 हजार रुपये वित्तीय सहायता देगी. साथ ही सरकार वैकल्पिक फसल मक्का, बाजरा और कपास का फ़सम बीमा भी सरकारी खर्च पर होगा. सरकार ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र को भी फ़सल विविधीकरण के दायरे से बाहर करने का फैसला किया है. सरकार ने अब आदेश की बजाय सलाह शब्द का इस्तेमाल करते हुए लिखा 50एचपी की ट्यूबवेल मोटर वाले किसान धान ना लगाएं.

सीएम खट्टर ने कही ये बात



मेरा पानी मेरी योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि धान बोने का फैसले का कोई नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया है. यह एक एडवाइजरी टाइप है. किसानों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. यह एक स्वैच्छिक फैसला है. यह किसानों से अपील है. मेरा पानी मेरी योजना जल के संकट को ध्यान में रखते हुए बनाई है. किसान हमारे भाई हैं, सरकार किसान हितेषी है. ऐसी योजना की हर वर्ष चर्चा होती थी. हमने किसानों से अपील की है जहां पानी पीने 40 मीटर नीचे चला गया है. वहां किसान धान बोने से परहेज करें.



किसानों को सीएम ने दिया आश्वासन

सीएम ने कहा कि पहले हमने 50% किसानों को धान न बोने को कहा था लेकिन बाद में जिनके पास 2 एकड़ जमीन है, उनको राहत दी छोटे किसानों को छूट दी, जहां खेत में जलभराव रहता है, उन किसानों को छूट दी. बाढ़ ग्रस्त एरिया में पानी का लेवल ऊंचा उठाने का प्रयास कर रहे हैं. किसानों का एक भी एकड़ खाली नहीं छोड़ने दिया जाएगा. मैं आश्वासन दिलाता हूं.

कई किसानों ने धान न बोने का फैसला लिया

सीएम ने कहा कि किसानों को वैकल्पिक फसल बोने के लिए, उनको सहायता दी जाएगी, सब्सिडी दी जाएगी. किसानों की फसल का बीमा करवाया जाएगा. उनकी फसल खरीद सुनिश्चित की जाएगी. अगर धान के अलावा कोई फसल नहीं बोई जाती तो उसमें भी किसानों से बैठकर बातचीत करेंगे कि पानी बचाकर कैसे धान बोया जा सकता है. एक पर्टिकुलर एरिया में अगर यह लोग राजनीति करने पहुंच जाएंगे. इसका मतलब यह नहीं कि सारे किसान नाराज हैं. मेरी कई किसानों से बातचीत हुई है. काफी किसानों ने अपनी इच्छा से धान न बोने का फैसला लिया है.

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First published: May 28, 2020, 5:39 PM IST
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