किसानों के लिए जारी इन 3 अध्यादेशों पर अब खट्टर सरकार भी करेगी मंथन, विपक्ष कर रहा विरोध
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किसानों के लिए जारी इन 3 अध्यादेशों पर अब खट्टर सरकार भी करेगी मंथन, विपक्ष कर रहा विरोध
हरियाणा सरकार इन अध्यादेशों पर मंथन कर रही है

इन अध्यादेशों (ordinances) के माध्यम से केंद्र सरकार (Center Government) ने दावा किया था की इससे किसानों को काफी लाभ होगा और वह अपनी फसल बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे.

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चंडीगढ़. कृषि क्षेत्र से संबंधित 3 अध्यादेश पर अब हरियाणा सरकार (Haryana Government) भी मंथन कर रही है. हाल ही में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई बदलाव करते हुए तीन अध्यादेश (Ordinance) जारी किए थे. इन अध्यादेशों के माध्यम से केंद्र सरकार ने दावा किया था की इससे किसानों को काफी लाभ होगा और वह अपनी फसल बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे. किसान अपनी फसल अपनी सुविधा के अनुसार सरकारी मंडियों या फिर निजी कंपनियों को भी बेच सकेंगे. इसके साथ ही एक राज्य से दूसरे राज्य में भी फसल को बेचा जा सकेगा. साथ ही सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर भी प्रावधान किया है जिसमें कंपनियां सीधे किसानों से समझौता कर फसल का उत्पादन करा सकेंगी.

हालांकि इन अध्यादेशों के जारी होने के बाद कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इनका विरोध किया है. सबसे पहले कांग्रेस ने इस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त करना चाहती है और अगर ऐसा हुआ तो फिर किसानों की आर्थिक हालत बद से बदतर हो जाएगी. क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में एमएसपी का कहीं जिक्र नहीं है. कुछ किसान संगठनों ने भी इन अध्यादेशों का जबरदस्त विरोध किया जगह-जगह धरना प्रदर्शन किए गए और सरकार को काले झंडे भी दिखाए गए.

सरकार कर रही मंथन



हरियाणा सरकार ने इन अध्यादेशों का शुरू से समर्थन किया और इसे केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए उठाया गया क्रांतिकारी कदम बताया है. लेकिन अब हरियाणा सरकार भी इन अध्यादेशो पर मंथन कर रही है और यह आकलन करने में जुटी है कि वाकई में इन अध्यादेशों का हरियाणा के किसानों पर क्या असर होने वाला है और प्रदेश के किसानों को क्या लाभ होगा.
अध्यादेशों को बरोदा उपचुनाव में ना पड़े गलत असर

दरअसल हरियाणा में हाल ही में बरोदा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने वाला है. यह सीट ग्रामीण इलाके की और किसानों से जुड़ी हुई सीट मानी जाती है. इसलिए सरकार नहीं चाहती की अध्यादेशों का इस उपचुनाव पर कोई  गलत असर पड़े. इसलिए अध्यादेशों का आकलन करके सरकार जनता और किसानों के बीच जाना चाहती है ताकि उन्हें बेहतर तरीके से अध्यादेशों का उद्देश्य और किसानों के लिए इन अध्यादेशों में क्या लाभ लाभकारी कदम हैं उन्हें बताया जा सके.

बैठक में की जाएगी चर्चा

गुरुवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में प्रदेश के तमाम मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई गई है जिसमें इन आदेशों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. इस बैठक में केवल मंत्रियों से नहीं बल्कि भाजपा और सरकार में साझीदार जननायक जनता पार्टी के नेताओं को भी बुलाया गया है. सभी से फीडबैक लिया जाएगा और एक रणनीति तैयार की जाएगी ताकि इन आदेशों पर विपक्ष के सवालों का मजबूती से जवाब दिया जा सके.
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